संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों के हित में निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय ने यूजी पांचवें, सातवें सेमेस्टर और पीजी तीसरे सेमेस्टर के विद्यार्थियों को स्पेशल चांस देने की घोषणा की है।
विश्वविद्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार पात्र विद्यार्थी 15 जून से परीक्षा फॉर्म भर सकेंगे। एबीवीपी विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष सतविंदर ढिल्लो ने निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम हजारों विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित करने वाला साबित होगा। उन्होंने बताया कि परिषद लगातार विश्वविद्यालय प्रशासन, परीक्षा नियंत्रक और विभिन्न महाविद्यालयों के माध्यम से इस मांग को उठाती रही है।
एबीवीपी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रोहन सैनी ने कहा कि कई विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा, बीएड, नेट-जेआरएफ, एमए, एमएससी, एमकॉम और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने की तैयारी कर रहे थे लेकिन डिग्री अधूरी होने के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
परिषद ने विद्यार्थियों की समस्याओं का संकलन कर विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखा जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि स्पेशल चांस केवल एक परीक्षा अवसर नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को अपने भविष्य को नई दिशा देने का माध्यम है। इससे उनका एक वर्ष या उससे अधिक समय खराब होने से बचेगा। एबीवीपी ने कुलपति, परीक्षा नियंत्रक और विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परिषद आगे भी छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी।