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धन कमाने के लिए बुरे कार्य नहीं करने चाहिए : अभिषेक मुनि

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18जेएनडी35-जैन संतों के विहार में शामिल श्रद्धालु। स्रोत: श्रद्धालु
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उचाना। अरुण चंद्र महाराज के शिष्य अनुराग मुनि, अभिषेक मुनि बड़ौदा जैन स्थानक से विहार करके उचाना मंडी स्थित श्री एसएस जैन सभा स्थानक पहुंचे। अरुण चंद्र महाराज के अनुयायी वीरेंंद्र करसिंधु ने कहा कि संतों का नगरी में आगमन सौभाग्य होता है। अनुराग मुनि, अभिषेक मुनि पहुंचे हैं। जल्द ही उचाना जैन स्थानक में अरुण चंद्र महाराज पहुंच कर अहिंसा का संदेश लोगों को देने के साथ बुराइयों से दूर रहने का संदेश देंगे।
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अभिषेक मुनि ने कहा कि जीवन में कभी भी धन कमाने के लिए बुरे कार्य नहीं करने चाहिए। कहानी के माध्यम से बताते हुए कहा कि दो व्यापारी थे जिनमें से एक व्यापारी जो दवा बना कर बेचने का कार्य करता था उसमें उसे काफी बचत होने लगी और वो दवा के व्यापार में काफी प्रसिद्ध हो गया। उस व्यापारी की देखा-देखी दूसरा व्यापारी नकली दवा बना कर सस्ते दामों में मुनाफा कमाने के लिए बेचने लगा।
जो व्यापारी शुरूआत में दवा बनाता था वह अपना कार्य छोड़ गया। नकली दवा बना कर बेचने वाले व्यापारी के बेटे को सांप ने डस लिया। उन्होंने कहा कि जो व्यापारी पहले सांप के डसने की दवा बनाता था वह व्यापारी अपने बेटे को बचाने के लिए उसके पास दवा लेने के लिए गया। बार-बार आग्रह करने पर दवा बनाने का काम छोड़ चुके व्यापारी ने कहा कि 24 घंटे के अंदर जो दवा बनाने की विधि है वह उसे बता देगा लेकिन यह बता अब से पहले जो तू दवा बना कर बेचता था उससे कितने बच्चे मरे है जो सांप के डसे हुए थे।
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जब खुद के बेटे को बचाने की बात आई तो दवा लेने के लिए उसके पास पहुंच गया। जो दवा दूसरे बच्चों के लिए देता था वह अपने बच्चे को क्यों नहीं दी। ये बात सुन कर नकली दवा बेचने वाले व्यापारी ने प्रण लिया कि वो भविष्य में कभी नकली दवा नहीं बेचेगा। कहानी का मतलब है कि जो बुरे कर्म करता है उसका भुगतान इसी कर्म में करना पड़ता है। इसलिए जीवन में बुरे कर्म नहीं करने चाहिए। इस मौके पर सुभाष कापड़ो, आरके गोयल, ऋतिक, शुभम, दिनेश, अमित, दीपक, विकास मखंड, शीलू बुडायन, सुभाष, टेकचंद आदि मौजूद रहे।
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