संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर वीरवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डूमरखां खुर्द में स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान वरिष्ठ नागरिकों को स्वस्थ और गरिमापूर्ण जीवन जीने के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच संतुलित आहार और शारीरिक सक्रियता को दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम की इस वर्ष की थीम दीर्घायु का युग लंबे जीवन के लिए प्रणालियों पर पुनर्विचार रही
कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. सुमन कोहली ने कहा कि बढ़ती जीवन प्रत्याशा समाज के लिए उपलब्धि है लेकिन लंबी उम्र के साथ बुजुर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सम्मान मिलना भी जरूरी है। वृद्धावस्था को बीमारी और निर्भरता तक सीमित न मानकर सक्रिय जीवन के चरण के रूप में देखने की जरूरत है। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को बुजुर्गों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने और उनकी स्वास्थ्य जरूरतों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उप सिविल सर्जन (एनसीडी) डॉ. विजेंद्र ढांडा ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में समय पर जांच और उपचार बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि मरीज की बीमारी पहचानने के साथ उसे उपचार से जोड़ना और नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करना भी स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है।
जिला कार्यक्रम समन्वयक (एनसीडी) डॉ. संजीत सिंह मांडी ने बताया कि 30 वर्ष और इससे अधिक आयु के लोगों की गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। इसमें उच्च रक्तचाप, मधुमेह और प्रमुख कैंसर की जांच शामिल है।
उन्होंने पात्र कैंसर मरीजों के लिए सरकारी स्तर पर उपलब्ध बस पास और वित्तीय सहायता जैसी सुविधाओं की जानकारी भी दी। इस अवसर पर डूमरखां कलां के सरपंच राहुल गोल्डी, डूमरखां खुर्द के सरपंच प्रतिनिधि रणधीर और तारखा के सरपंच मोहन भी उपस्थित रहे।