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Jind News: अफसर बोले-मानकों पर निर्माण, पीड़ित बोले-हमारे मकान गिरने का खतरा

Mon, 24 Feb 2025 12:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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23जेएनडी44-जेडी-7 पर निर्माणाधीन अंडरपास का निरीक्षण करती चंडीगढ़ से आई टीम। संवाद
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जींद। शहर के जेडी-7 पर निर्माणाधीन अंडरपास पर मिट्टी खिसकने और नाला धंसने के बाद रविवार को चंडीगढ़ से तकनीशियन टीम पहुंची। उन्होंने अंडरपास के निर्माण के दौरान बने गंभीर हालात देखे। टीम के आने की सूचना के बाद कॉलोनी के लोग एकत्रित हो गए। तीन दिन से परेशान लोगों ने टीम सदस्यों को अंडरपास के निर्माण में भ्रष्टाचार होने के आरोप लगाए। उनका कहना था कि नाले में ठेकेदार ने घटिया सामग्री और कम सरिया लगाया। इसके कारण नाला गिरा है। वहीं अंडरपास की ड्राइंग भी सही नहीं है। इसमें काफी खामियां हैं। इसके परिणाम अंडरपास का निर्माण होने के बाद वाहनों के आवागमन के समय सामने आएंगे। टीम अधिकारियों ने कहा कि ड्राइंग सही है। लोगों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। ट्रेनों के आवागमन से नाला गिरा है। अंडरपास का मानकों पर निर्माण हो रहा है।
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रविवार दोपहर बाद चंडीगढ़ से तकनीशियन विशेषज्ञ नरेंद्र शर्मा और डीजीएम शशांक के नेतृत्व में टीम पहुंची। उन्होंने अंडरपास के निर्माण का बारीकी से निरीक्षण किया और मौजूद अधिकारियों से बातचीत की। क्षेत्रीय निवासी सूरजभान, कमला, पवन सिंधु, सुभाष चंद, बलवीर ने कहा कि जब नाले का निर्माण हुआ था तब मिट्टी की कुटाई तक नहीं की गई। सरिया भी 14 इंच पर बांधा गया था। निर्माण सामग्री की भी गुणवत्ता अच्छी नहीं थी। इसके कारण नाले से पानी रिसाव होने लगा और मिट्टी खिसक गई। नाले के निर्माण में आठ इंच की दीवार बनाई गई है जबकि चार इंच की दीवार में भी पानी का रिसाव नहीं होता है। अधिकारियों ने कहा कि यह पानी का रिसाव नाले से नहीं बल्कि लोगों द्वारा उनके घरों के पाइप के कनेक्शनों के कारण हो रहा है। नाले और मकान के बीच में से पाइप से पानी के रिसाव के कारण यह समस्या पैदा हुई है।

बॉक्स

ज्यादा मिट्टी खोदने से बनी समस्या

लोगों का कहना था कि ठेकेदार ने मकान के लगते मिट्टी की खोदाई कर दी। अब लोगों का घरों से निकलना बंद हो गया है और वे घरों में कैद हो गए हैं। बच्चे और बुजुर्ग को बाहर भी नहीं आ सकते हैं। वहीं पशु भी घरों के अंदर ही हैं। उनके लिए चारे की भी समस्या पैदा हो गई है। अब मकान गिरने का भी खतरा बन गया है, इसलिए प्रशासन को जल्द उनकी समस्या को गंभीरता से लेकर समाधान करवाना चाहिए। 30-40 फीट गहरी खाई होने की वजह से दो-दो सीढ़ी बांधनी पड़ रही हैं। ऐसी ऊंची सीढि़यों से आना-जाना खतरों से भरा है। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाई जानी चाहिए।
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वर्जन

ट्रेनों के आवागमन से अंडरपास के निर्माण में दिक्कत आ रही है। अंडरपास के निर्माण का जायजा लिया है। जिन लोगों के मकानों के आगे से मिट्टी खिसकी है, उनके लिए व्यवस्था बनाई जा रही है। अंडरपास का निर्माण मानकों के अनुरूप किया जा रहा है।
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-नरेंद्र शर्मा, तकनीशियन विशेषज्ञ, चंडीगढ़

23जेएनडी44-जेडी-7 पर निर्माणाधीन अंडरपास का निरीक्षण करती चंडीगढ़ से आई टीम। संवाद

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