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Jind News: ऑब्जर्वर सुनेंगे नागरिकों की चुनाव से जुड़ी समस्याएं

Sun, 12 May 2024 01:46 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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जींद। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि जिले में पांच विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हैं। जुलाना, सफीदों और जींद सोनीपत संसदीय निर्वाचन क्षेत्र, उचाना कलां विधानसभा क्षेत्र हिसार संसदीय निर्वाचन क्षेत्र तथा नरवाना विधानसभा क्षेत्र सिरसा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के तहत है। भारत निर्वाचन आयोग ने सोनीपत संसदीय क्षेत्र के लिए डॉ. मंजुला एन ( मो. 9354935000), आईएएस अधिकारी को सामान्य पर्यवेक्षक तथा खर्चा पर्यवेक्षकों में अविजीत रक्षित, आईआरएस ( मो. 9354935000) और मेहता महेंद्रा कुमार, आईआरएस ( मो. 9817440045) को नियुक्त किया है। इसके अलावा आईपीएस कुसुम पूनिया ( मो. 9771400451) को पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त है।
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उचाना कलां विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र हिसार संसदीय क्षेत्र के लिए गोपाल चंद आईएएस ( मो. 9418065900) अधिकारी को सामान्य पर्यवेक्षक, रणजीत कुमार मधुकर आईआरएस (मो. 8986912112) अधिकारी और वी पांडीराजा, आईआरएस (मो. 8017094617) अधिकारी को खर्चा पर्यवेक्षक तथा आईपीएस अधिकारी विशाल कुमार बलदेवभाई वघेला (मो. 9574001344) को पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
इसी तरह नरवाना विधानसभा क्षेत्र सिरसा संसदीय क्षेत्र के लिए देव कृष्णा तिवारी आईएएस ( मो. 9452070475) अधिकारी को सामान्य पर्यवेक्षक, विजय सिंह आईआरएस (मो. 9013853468) अधिकारी को खर्चा पर्यवेक्षक तथा आईपीएस अधिकारी विशाल कुमार बलदेवभाई वघेला (मो. 9574001344) को पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि सोनीपत संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के लिए नियुक्त सामान्य एवं व्यय पर्यवेक्षक दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल के गेस्ट हाउस में प्रतिदिन सुबह 11 से 12 बजे तक लोकसभा चुनाव से संबंधित समस्याएं सुनेंगे। हिसार संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के लिए नियुक्त सामान्य व खर्चा पर्यवेक्षक कैनाल रेस्ट हाउस, हिसार में हर रोज सुबह 10 से 11 बजे तक और सिरसा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के लिए नियुक्त सामान्य व खर्चा पर्यवेक्षक मीटिंग रूम फैकल्टी हाउस चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय सिरसा में प्रतिदिन सुबह 9 से 10 बजे तक लोकसभा चुनाव से संबंधित समस्याएं सुनेंगे।
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निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन करें प्रत्याशी और दल
जींद। भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों व राजनीतिक दलों के लिए चुनाव के दौरान क्या करना है, क्या नहीं करना के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनका चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक उम्मीदवारों व राजनीतिक दलों को पालन करना अनिवार्य है।
जिला निर्वाचन अधिकारी मोहम्मद इमरान रजा ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों और चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को सार्वजनिक स्थानों जैसे कि मैदान और हेलिपैड निष्पक्ष रूप से उपलब्ध होना चाहिए। चुनाव के दौरान अन्य राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की आलोचना केवल उनकी नीतियों, कार्यक्रमों, पिछले रिकॉर्ड और कार्यों तक ही सीमित रहनी चाहिए। इसके अलावा शांतिपूर्ण और विवेकपूर्ण घरेलू जीवन के लिए प्रत्येक व्यक्ति के अधिकार की पूरी तरह से रक्षा की जानी चाहिए। स्थानीय पुलिस अधिकारियों को पूरी तरह से सूचित किया जाना चाहिए और प्रस्तावित बैठक के समय व स्थान की आवश्यक अनुमति समय रहते सही तरीके से ली जानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित बैठक के स्थान पर यदि कोई प्रतिबंधात्मक या निषेधात्मक आदेश लागू हैं तो उनका सम्मान किया जाना चाहिए। इसी प्रकार प्रस्तावित बैठकों के लिए लाउडस्पीकर या ऐसी किसी अन्य सुविधा के उपयोग के लिए अनुमति प्राप्त की जानी चाहिए और बैठकों में गड़बड़ी या अव्यवस्था पैदा करने वाले व्यक्तियों से निपटने में पुलिस सहायता प्राप्त की जानी चाहिए। किसी भी जुलूस को शुरू करने और समाप्त करने के समय व स्थान तथा मार्ग को अग्रिम रूप से फाइनल किया जाना चाहिए। पुलिस अधिकारियों से पूर्व अनुमति प्राप्त करनी चाहिए। जुलूस का मार्ग यातायात को बाधित नहीं करना चाहिए।
डीसी ने बताया कि शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी चुनाव अधिकारियों को सहयोग किया जाना चाहिए। साथ ही चुनाव में लगे सभी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को बैज या पहचान पत्र दिखाना होगा।
प्रचार सामग्री पर प्रकाशक, प्रकाशन करवाने वाले का नाम पता होना जरूरी



जींद। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि लोकसभा चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रचार सामग्री का प्रकाशन करने के लिए पोस्टर या पंफ्लेट पर प्रकाशन करने वाले का नाम, प्रकाशन करवाने वाले का नाम तथा प्रतियों की संख्या छपी होनी चाहिए। निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



उन्होंने बताया कि प्रिंटिंग प्रेस संचालक एनेक्सचर फार्म वन और बी भरकर यह स्पष्ट करेंगे कि प्रचार की सामग्री किस प्रेस से छपवाई गई और छपवाने वाला कौन है। साथ ही कितनी प्रतियां छापी गई है। प्रचार सामग्री की भाषा और विषयवस्तु में कोई आपत्तिजनक शब्द तो नहीं है। गड़बड़ी होने पर प्रकाशन करवाने वाले तथा प्रकाशक दोनों के खिलाफ जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 127 ए के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
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