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Jind News: शहर की तर्ज पर अब गांव भी होंगे साफ स्वच्छ

Tue, 04 Mar 2025 01:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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03जेएनडी08-प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमैंट यूनिट में प्लास्टिक को अलग-अलग करते मजदूर। संवाद - फोटो : bhadarwah
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जींद। जिला के गांव अब शहर की तर्ज पर साफ और स्वच्छ होंगे। गांव में भी अब पॉलिथीन और अन्य प्लास्टिक का सामान दिखाई नहीं देगा। इसको लेकर प्रशासन ने उझाना ब्लॉक के गांव पिपलथा में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमैंट यूनिट स्थापित की है। यहां आसपास के गांव से प्लास्टिक के कचरे को एकत्रित कर लाया जाएगा और उसके बाद यहां अलग-अलग उसका निपटारण कर उसे आगे बेच दिया जाएगा। इससे जहां पंचायत की आमदनी होगी वहीं गांव के लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इस यूनिट का फायदा उझाना ब्लॉक के 20 गांव के लोगों को होगा।
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जिला प्रशासन ने गांव को प्लास्टिक मुक्त वातावरण और प्रभावी कचरा प्रबंधन प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पहल शुरू की है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत की गई पहल से स्वच्छता और रोजगार सृजन में सुधार होगा। प्रशासन ने प्लास्टिक कचरे को कुशलतापूर्वक संसाधित करने के लिए प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई स्थापित की है। जिले में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमैंट यूनिट स्थापित करने के लिए प्रशासन ने जमीन मांगी थी। इस पर पिपलथा गांव की पंचायत ने बिल्डिंग मुहैया करा दी। इसके बाद प्रशासन ने 16 लाख रुपये की लागत से यूनिट में तीन मशीन भिजवा दी। इन तीन मशीन अलग-अलग कार्य करेगी। शुरुआत में फटका मशीन पॉलिथीन, बोतल और अन्य प्लास्टिक के सामान से मिट्टी या गंदगी को साफ करेगी। उसके बाद कट्टर मशीन की मशीन प्लास्टिक के सामान की कटाई करेगी। तीसरी कंप्रेशर मशीन है जो कि प्लास्टिक के सामान की प्रेशर के माध्यम से गांठ बना देगी। इसके बाद उसे बेच दिया जाएगा।

मूनक की यूनिट का सर्वे कर शुरू किया कार्य

पिपलथा गांव में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमैंट यूनिट स्थापित होने के बाद वहां बेहतर ढंग से प्लास्टिक का निपटारण करने को लेकर स्वच्छ भारत मिशन की टीम पंजाब के मूनक शहर में लगी यूनिट का दौरा किया। टीम ने वहां जाकर प्लास्टिक के निपटारण की पूरी प्रक्रिया देखी। इस दौरान वहां कर्मचारियों ने बताया कि यूनिट में मुख्य कार्य प्लास्टिक को अलग-अलग करना है। शुरुआत में सफेद, काले और अन्य रंग के पॉलिथीन को अलग किया जाएगा। इसके अलावा अन्य प्लास्टिक के सामान को भी अलग किया जाएगा। फिर मशीनों के माध्यम से प्लास्टिक का निपटान कर दिया जाएगा।
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15 से 20 लोगों को मिला रोजगार

प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमैंट यूनिट में गांव-गांव से प्लास्टिक एकत्रित कर लाया जाएगा। यह कचरा गाड़ियों और अन्य वाहनों के माध्यम से पहुंचाया जाएगा। इससे जहां प्रत्येक गांव से तीन-चार लोगों को काम मिलेगा। वहीं यूनिट में प्लास्टिक अलग-अलग करने के लिए भी 10-15 लोगों की जरूरत पड़ेगी। इससे लगभग 20 लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं प्लास्टिक बेचने से होने वाली राशि गांव के विकास कार्यों में खर्च होगी।

वर्जन

उझाना ब्लॉक के पिपलथा गांव में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमैंट यूनिट स्थापित की है। यहां पर प्लास्टिक के निपटारे का कार्य शुरू हो चुका है। इसका उद्देश्य गांव को प्लास्टिक मुक्त वातावरण देने और कचरे का प्रबंधन करना है।
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अंजलि, सहायक समन्वयक, स्वच्छ भारत मिशन जींद
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