जींद। नागरिक अस्पताल में नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र खोला जाएगा। इसमें वह सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी, जो नशा छोड़ने वाले लोगों के लिए जरूरी हैं। अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग की पहली मंजिल पर आखिरी कमरे में फिलहाल आठ बेड लगाकर यह केंद्र चलाया जाएगा। इसके बाद यदि मरीज बढ़े तो बेडों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। पीएमओ डॉ. लोकवीर ने एसएमओ डॉ. गोपाल गोयल, डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला के साथ व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि सभी प्रकार का जरूरी सामान उपलब्ध होने के बाद अगले सप्ताह ही यह केंद्र शुरू कर दिया जाएगा।
फिलहाल नशा छोड़ने वाले लोगों को ओटीएस केंद्र के माध्यम से दवाई दी जा रही थीं। इस प्रकार के मरीजों को अस्पताल में दाखिल करने की कोई व्यवस्था नहीं थी। पिछले सप्ताह डीसी डॉ. मनोज कुमार के साथ हुई स्वास्थ्य विभाग की बैठक में नागरिक अस्पताल में नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र खोलने पर विचार हुआ था। अब इस दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने काम करना शुरू कर दिया है। नागरिक अस्पताल में मनोचिकित्सक डॉ. संकल्प द्वारा इन मरीजों की काउंसलिंग की जाएगी। जिन मरीजों को नशे की ज्यादा लत है, उनको यहां दाखिल किया जा सकेगा। फिलहाल अस्पताल प्रशासन एक कमरे में आठ बेड की व्यवस्था कर रहा है। धीरे-धीरे बेडों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इसके लिए डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला को नोडल अधिकारी बनाया गया है। पीएमओ डॉ. लोकवीर ने अन्य चिकित्सा अधिकारियों को लेकर पुरानी बिल्डिंग का दौरा किया और यहां जरूरत का सामान तुरंत उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।