जींद। शहर में लंबे समय से खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत और उन्हें बदलने का कार्य आखिरकार शुरू हो गया है। अगले सप्ताह में अधिकांश क्षेत्रों की स्ट्रीट लाइटें ठीक होने के बाद शहर की सड़कें फिर से रोशनी से जगमग होंगी। स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत के लिए शहर को तीन जोन में बांटा गया है। नगर परिषद ने इस वर्ष एसआर कॉपरेटिव सोसाइटी को 97.51 लाख रुपये का टेंडर दिया है।
शहर के विभिन्न क्षेत्रों में खराब स्ट्रीट लाइटों को बदलने के लिए टीमें मैदान में उतार दी गई हैं। हालांकि अभी भी शहर में दो हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटें खराब हैं जिससे कई कॉलोनियों, मुख्य मार्गों और गलियों में रात के समय अंधेरा रहता है।
इसका सबसे अधिक खामियाजा राहगीरों और वाहन चालकों को उठाना पड़ रहा है। पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण बेसहारा पशु अचानक सड़कों पर आ जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। कई स्थानों पर अंधेरे के कारण लोग गिरकर घायल भी हो चुके हैं।
शहरवासी रूपेश कुमार, रजनीश क्वात्रा, रोबिन और शुभम मल्होत्रा का कहना है कि पिछले कई महीनों से स्ट्रीट लाइटें खराब थीं, लेकिन शिकायतों के बावजूद समय पर मरम्मत नहीं हो सकी। अब काम शुरू होने से लोगों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने मांग की है कि केवल खराब लाइटों की मरम्मत ही नहीं, बल्कि उनका नियमित निरीक्षण भी किया जाए, ताकि भविष्य में लंबे समय तक लाइटें खराब न रहें। उनका कहना है कि बेहतर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था से न केवल सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर भी अंकुश लगेगा।
शहर को तीन जोन में बांटा
नगर परिषद ने मरम्मत कार्य को तेज और व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए पूरे शहर को तीन जोन में विभाजित किया है। प्रत्येक जोन में अलग-अलग तकनीकी टीमों को जिम्मेदारी दी गई है जो खराब स्ट्रीट लाइटों की पहचान कर उन्हें बदलने या ठीक करने का कार्य कर रही हैं। जिन क्षेत्रों में पूरी तरह खराब लाइटें हैं, वहां नई एलईडी लाइटें लगाई जा रही हैं जबकि मामूली खराबी वाली लाइटों की मौके पर ही मरम्मत की जा रही है।
वर्जन
इस बार एसआर कॉप्रेटिव सोसायटी को स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत का टेंडर दिया गया है। शहर को तीन जोन में बांटकर लाइट ठीक करवाई जा रही है। अब जल्द ही पूरे शहर की खराब पड़ी लाइटों को ठीक करवाया जाएगा।
-डॉ. अनुराधा सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद जींद