जींद। जिले के 260 गांव शहर की तर्ज पर साफ और स्वच्छ होंगे। गांव में अब पॉलिथीन और अन्य प्लास्टिक का सामान दिखाई नहीं देगा। इसके लिए चाढ़े चार करोड़ से कूड़ा कलेक्शन सेंटर बनाए जाएंगे। इसमें घर-घर से कूड़ा उठाकर एकत्रित किया जाएगा। ग्रामीणों को काफी हद तक गंदगी से छुटकारा मिलेगा।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने कदम उठाया है। प्रत्येक गांव में घर-घर से कूड़ा एकत्रित करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए सफाई कर्मियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी जो रोजाना ग्रामीणों के घरों से कूड़ा उठाकर निर्धारित कलेक्शन सेंटर तक पहुंचाएंगे।
हालांकि 93 गांव में कूड़ा कलेक्शन सेंटर बनाने का काम अंतिम चरण में चल रहा है। इससे गांवों में सड़कों, खाली प्लॉटों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने पर रोक लगेगी। योजना के तहत कलेक्शन सेंटरों पर एकत्रित कचरे को आगे प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट तक भेजा जाएगा जहां इसका निस्तारण किया जाएगा।
ब्लॉक के अनुसार गांवों की संख्या...
खंड-संख्या
अलेवा-12
जींद-27
नरवाना-30
पिल्लूखेड़ा-13
सफीदों-18
उचाना-20
उझाना-18
जुलाना-26
कुल-164
हर ब्लॉक में लगेगी प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट
कूड़ा निस्तारण को लेकर जिला के हर ब्लॉक में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट स्थापित की जाएगी। फिलहाल उझाना खंड के गांव पीपलथा में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट स्थापित हो चुकी है। इसमें 16 लाख रुपये की लागत से तीन मशीन लगवाई गई हैं। यह तीनों मशीन अलग-अलग कार्य करेगी। शुरुआत में फटका मशीन पॉलिथीन, बोतल और अन्य प्लास्टिक के सामान से मिट्टी या गंदगी को साफ करेगी। इसके बाद कट्टर मशीन की मशीन प्लास्टिक के सामान की कटाई करेगी। तीसरी कंप्रेशर मशीन है जो कि प्लास्टिक के सामान की प्रेशर के माध्यम से गांठ बना देगी। इसके बाद उसे बेच दिया जाएगा।
कलेक्शन सेंटरों पर अलग-अलग किया जाएगा कूड़ा
कलेक्शन सेंटरों पर कूड़े को बांटा जाएगा। गीले और सूखे कचरे को अलग करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जा सके। इससे न केवल सफाई व्यवस्था में सुधार होगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। फिलहाल अधिकांश गांवों में कूड़ा निस्तारण की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। लोग घरों का कचरा खुले में फेंक देते हैं जिससे गंदगी के साथ-साथ मच्छरों और बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है।
वर्जन
जिले के 260 गांव में कूड़ा कलेक्शन सेंटर (शेड) बनाए जाएंगे। इन पर करीब साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च होंगे। गांवों में रहने वाले लोगों को बेहतर वातावरण मिलेगा।
-प्रदीप कुमार, एडीसी, जींद