जींद। पिल्लूखेड़ा में एक सप्ताह पहले उत्तराखंड से लाई गई दुल्हन ससुरालजनों को बेहोश कर फरार हो गई। दुल्हन ने साजिश के तहत परिजनों को बुलाया और लूट की वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। पड़ोसियों के मौके पर आने से लूट की साजिश को अंजाम नहीं दे सके। फिर दुल्हन और उसके परिजन गाड़ी छोड़ कर फरार हो गए। पिल्लूखेड़ा की महिला धनवंती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह जींद की भटनागर कालोनी निवासी रमेश के साथ शादीशुदा है। वे चार भाई-बहन हैं। उसका छोटा भाई सुरेश खेतीबाड़ी करता है, जिसकी शादी 27-28 साल पहले हुई थी। उसका एक लड़का सोमबीर है जो कि अपने मामा के घर रहता है। पहले वाली शादी का संबंध विच्छेद हो चुका है। उसके भाई सुरेश ने तीन फरवरी को हाल उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर के गांव किच्छा निवासी गीता के साथ शादी की थी। वह भी एक सप्ताह से मायके आई हुई थी। आठ फरवरी की रात दस बजे एक कार में गीता की मां, भाई और कार चालक जो कि उनका रिश्तेदार बताया जा रहा था, घर आए। उन्होंने अपना नाम ओमवती, लक्की और मनोज (कार चालक) बताया। मेहमानों को रिश्तेदार मानकर उनको खाना खिलाया और उन्हें अपने भाई सुरेश, पिता वेद सिंह और मां खजानी के कमरों में सुला दिया। वह अपने चाचा इंद्र को मिलने के लिए चली गई। थोड़ी देर बाद जब घर वापस आई तो देखा कि उसका भाई सुरेश, माता खजानी और पिता वेद सिंह सो रहे थे। उसने तीनों को उठाया तो वे नहीं उठे। उसकी भाभी गीता उर्फ मीना कुमारी और उसके परिवार वाले बैठक में नहीं मिले। वे सभी पीछे कमरे में लूट की वारदात को अंजाम देने की कोशिश कर रहे थे। फिर वह तुरंत अपने चाचा इंद्र और पड़ोसियों को बुलाकर ले आई। उन्हें काबू करने की कोशिश की तो चारों लोग अंधेरे का फायदा उठाकर गाड़ी वहीं छोड़ कर भाग गए। इस दौरान उनके घरवाले बेसुध ही रहे। उनको तुरंत उपचार के लिए नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया।
वर्जन
पुलिस ने मौके पर जाकर मुआयना किया है। परिजनों के बयान लेकर पुलिस ने गीता उर्फ मीना कुमारी, लक्की, ओमवती और मनोज के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में लगी हुई है।
- हरिओम, प्रभारी, थाना पिल्लूखेड़ा।