12जेएनडी01: हैमेटी में प्राकृतिक खेती जागरूकता कार्यक्रम में मौजूद किसान। स्रोत आयोजक
जींद। कृषि विज्ञान केंद्र पांडु पिंडारा द्वारा मंगलवार को जींद के हैमेटी में संतुलित उर्वरक उपयोग एवं प्राकृतिक खेती पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि की चुनौतियों से अवगत कराना और उन्हें पारंपरिक व वैज्ञानिक खेती के मेल की ओर प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम का संचालन जिला विस्तार विशेषज्ञ डॉ. धीरज पंघाल के नेतृत्व में हुआ। डॉ. पंघाल ने कहा कि केवल रासायनिक उर्वरकों पर अत्यधिक निर्भरता खेती की लागत बढ़ाने के साथ मिट्टी की जैविक संरचना को भी नुकसान पहुंचा रही है।
डॉ. पंघाल ने चार आर सिद्धांत सही उर्वरक स्रोत, सही मात्रा, सही समय और सही विधि को अपनाने पर विशेष बल दिया।