नरवाना। वर्षों से लंबित दबलैन रोड रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) की मांग आखिरकार पूरी हो गई है। पुल के शुरू हो जाने से शहरवासियों को रेलवे फाटक पर घंटों इंतजार से मुक्ति मिल गई है। हर दिन हजारों वाहन चालक और पैदल यात्री इस पुल से गुजर रहे हैं। शहर के ट्रैफिक सिस्टम को नई दिशा देने वाला यह ओवरब्रिज नरवाना के लिए विकास का बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस पुल के निर्माण को समय पर पूरा कराने में हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री और नरवाना से विधायक कृष्ण कुमार बेदी की अहम भूमिका रही। जून महीने में मंत्री बेदी ने पुल को आम जनता के लिए चालू करवाया था, जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नरवाना मेला ग्राउंड में आयोजित विकास रैली में इसका औपचारिक उद्घाटन किया।
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अंधेरे में राहगीरों को खतरा
हालांकि पुल पर स्ट्रीट लाइटिंग की व्यवस्था नहीं होने से राहगीरों की परेशानी अभी खत्म नहीं हुई है। रात के समय छोटे वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को अंधेरे में असुरक्षित महसूस करना पड़ता है। दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल को वास्तव में सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए स्ट्रीट लाइटें बेहद जरूरी हैं। नरेंद्र कुमार बाइक सवार ने कहा कि कैबिनेट मंत्री के प्रयासों से पुल तो बन गया और हमें बहुत राहत मिली, लेकिन रोशनी नहीं होने से हादसे का डर रहता है। उनसे ही उम्मीद है कि जल्द लाइट लगवाएंगे।
वहीं व्यापारी सुखजीत का कहना है कि आरओबी ने नरवाना शहर को जाम से निजात दिलाई है, लेकिन अब रोशनी की व्यवस्था भी होनी चाहिए। क्षेत्रवासियों का कहना है कि पुल बनने से उनकी समस्या जरूर हल हो गई है, लेकिन अब रोशनी की कमी पूरी की जानी चाहिए। उन्हें भरोसा है कि जैसे पुल का सपना मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के प्रयासों से पूरा हुआ, वैसे ही लाइटिंग की व्यवस्था भी जल्द उनके सहयोग से पूरी होगी।
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पीडब्ल्यूडी बीएंडआर इलेक्ट्रिकल विंग के जूनियर इंजीनियर समरवीर सिंह ने बताया कि इस परियोजना में स्ट्रीट लाइट लगाने का प्रावधान शामिल नहीं था। इसी कारण पुल के साथ लाइटिंग की व्यवस्था नहीं की गई।