जींद। शहर के प्रमुख बाजारों में आग से सुरक्षा के इंतजामों की स्थिति चिंताजनक है। अधिकांश दुकानदार फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। शहर की करीब 70 प्रतिशत दुकानों में आग बुझाने के लिए फायर सेफ्टी सिलिंडर नहीं हैं।
बाजारों में दुकानों के आगे तीन से चार फुट तक किए गए अतिक्रमण से सड़कें और गलियां संकरी हो गई हैं। ऐसे में यदि बाजार में आग लगने की बड़ी घटना होती है तो अग्निशमन विभाग की गाड़ियां समय पर मौके तक नहीं पहुंच पाएंगी। इससे जान-माल के बड़े नुकसान की आशंका बनी हुई है।
शहर के मुख्य बाजार में प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही रहती है। कपड़ा, किराना, इलेक्ट्रॉनिक्स, कॉस्मेटिक और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों में बड़ी मात्रा में ज्वलनशील सामान रखा जाता है। इसके बावजूद अधिकांश दुकानदारों ने आग बुझाने के प्राथमिक उपकरण तक नहीं लगाए हैं। कुछ दुकानदारों का कहना है कि उन्हें फायर सेफ्टी नियमों की पूरी जानकारी नहीं है जबकि कुछ खर्च बचाने के लिए इन नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
दुकानों के बाहर सामान सजाकर तीन से चार फुट तक अतिक्रमण
शहर के पालिका बाजार, तांगा चौक, शिव चौक, मेन बाजार, घंटाघर चौक और शहर थाना क्षेत्र के प्रमुख बाजारों में दुकानदारों ने दुकानों के बाहर सामान सजाकर तीन से चार फुट तक अतिक्रमण कर रखा है। कहीं स्टैंड लगाए गए हैं तो कहीं सामान और होर्डिंग रखकर रास्ते को घेर लिया गया है। इससे बाजारों में लोगों के चलने तक के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती। दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित होती है।
वर्जन
दुकानदारों को अपनी दुकानों के आगे अतिक्रमण नहीं करना चाहिए। यदि कहीं आग की घटना हो जाए तो अग्निशमन विभाग की गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में मुश्किल होगी।
-राजकुमार गोयल, व्यापारी नेता
वर्जन
आग लगने की स्थिति में दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने के लिए पर्याप्त रास्ता चाहिए होता है। लेकिन मौजूदा हालात में बाजार की संकरी गलियां और अतिक्रमण बड़ी बाधा बन सकते हैं। विभाग के पास छह बाइक और चार छोटी गाड़ियां हैं जो भीड़ भाड़ वाले क्षेत्र में भी आसानी से पहुंच सकती हैं।
-रामेश्वर, फायर सेफ्टी ऑफिसर, जींद