10जेएनडी07-नागरिक अस्पताल से उतारा गया फायर सेफ्टी सिलिंडर, जिसकी वैधता अवधि खत्म हो चुकी है। स
जींद। नागरिक अस्पताल में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग को अभी तक फायर सेफ्टी की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं मिली है। वहीं, आग बुझाने के लिए लगाए गए कई फायर सिलिंडरों की वैधता समाप्त हो चुकी है। यदि अस्पताल में आग की कोई घटना होती है तो मरीजों, उनके परिजनों और स्टाफ की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 1500-2000 मरीज उपचार के लिए आते हैं। इसके अलावा प्रसूति वार्ड, इमरजेंसी कक्ष और अन्य विभागों में भर्ती मरीज भी रहते हैं। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर सेफ्टी व्यवस्था का दुरुस्त होना बेहद जरूरी है।
अस्पताल में 200 बेड हैं जिनमें 100 पुराने और 100 नई बिल्डिंग में हैं। लगभग एक माह पहले पुरानी बिल्डिंग में दो तरह के फायर सिलिंडर लगाए गए थे। इनमें 50 लीटर क्षमता वाले छह सिलिंडर हैं जिनमें नीचे व्हील लगी हुई है और जरूरत पड़ने पर कहीं भी उपयोग किए जा सकते हैं।
इसके अलावा साढ़े चार लीटर क्षमता वाले 40 छोटे सिलिंडर दीवारों पर लगवाए गए हैं। नई बिल्डिंग में भी फायर सिलिंडर इंस्टॉल किए जा रहे हैं और पुराने, एक्सपायर हो चुके सिलिंडरों की जगह नए लगाए जा रहे हैं।
पीडब्ल्यूडी की तरफ से प्रक्रिया जारी
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि फायर एनओसी के लिए पीडब्ल्यूडी की तरफ से प्रक्रिया जारी है। फायर सिलिंडरों की इंस्टॉलेशन के साथ ही अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी जांच की जा रही है। स्टाफ को इन उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
वर्जन
फायर एनओसी के लिए पीडब्ल्यूडी की तरफ से प्रक्रिया जारी है। एक्सपायर हो चुके फायर सिलिंडरों को बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नए और मानकों के अनुरूप सिलिंडर लगाने का कार्य किया जा रहा है ताकि अस्पताल में अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके। साथ ही अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी जांच की जा रही है।
-डॉ. रघुवीर पूनिया, पीएमओ, नागरिक अस्पताल जींद
10जेएनडी07-नागरिक अस्पताल से उतारा गया फायर सेफ्टी सिलिंडर, जिसकी वैधता अवधि खत्म हो चुकी है। स