जींद। जिले के नगूरां गांव में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए लगाए जाने वाले एचपीवी वैक्सीनेशन को लेकर विवाद गहरा गया है। गांव की दोनों पंचायतों ने स्वास्थ्य विभाग से कहा कि गांव की बच्चियों को यह टीका नहीं लगाया जाएगा। इस संबंध में पंचायतों ने स्वास्थ्य विभाग को लिखित पत्र भी सौंप दिया है।
सरपंच प्रतिनिधि कुलदीप और रणधीर नंबरदार ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि जब तक इस टीकाकरण की लिखित जिम्मेदारी तय नहीं की जाती और पूरी पारदर्शिता नहीं बरती जाती तब तक अभियान को अनुमति नहीं मिलेगी।
पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े किसी भी मामले में अभिभावकों की सहमति और वैक्सीन के संभावित प्रभावों की जानकारी होना अनिवार्य है। बिना पूरी जानकारी साझा किए किसी भी बच्चे को टीका लगाना अनुचित है।
पंचायत ने बातचीत के दौरान टीकाकरण अभियानों के पीछे काम करने वाली बड़ी दवा कंपनियों और वैश्विक संस्थाओं की भूमिका पर भी संदेह व्यक्त किया है। उनका मानना है कि कई बार ऐसे अभियानों के पीछे फार्मा उद्योग के आर्थिक हित छिपे हो सकते हैं।
ग्रामीणों में इस वैक्सीन को लेकर कई तरह की आशंकाएं हैं, जिन्हें दूर किए बिना पंचायत कदम पीछे खींचने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा हमारे बच्चे हमारा अधिकार और जिम्मेदारी हैं। गांव के लोगों की सहमति के बाद ही पंचायत ने यह निर्णय लिया है।