जुलाना। कस्बे को पॉलिथीन मुक्त बनाने के लिए नगरपालिका ने हाइटेक तरीका अपनाया है। पुरानी अनाजमंडी में नगरपालिका ने क्लॉथ बैग वेंडिंग मशीन लगाई है। मशीन में पांच रुपये का सिक्का डालने पर ऑटोमैटिक कपड़े का बैग मशीन से बाहर आएगा। बाजार में खरीदारी के लिए आए ग्राहकों को आसानी से कपड़े का कैरी बैग मिलेगा। इससे पॉलिथीन के प्रयोग से छुटकारा मिलेगा।
सोमवार को नगरपालिका की सचिव पूजा साहू ने मशीन का रिबन काटकर उद्घाटन किया। सचिव ने लोगों को पांच रुपये का सिक्का डालकर बैग निकालकर प्रयोग करने के लिए जागरूक किया। इस मौके पर स्वच्छ भारत मिशन अर्बन इंचार्ज संजीव चहल, पंकज, जीनत पूनिया, राहूल, सागर व अजित सिंह भी मौजूद रहे।
पॉलिथीन वातावरण और पशुओं के लिए भी हानिकारक
पॉलिथीन वातावरण और पशुओं के लिए भी हानिकारक है। पॉलिथीन जल्दी से गलता भी नहीं और जलाने पर वायु प्रदूषण होता है। नालियों में डालने से लोगों को निकासी व्यवस्था की समस्या से भी होकर गुजरना पड़ता है। इसके अलावा कई बार पशु पॉलिथीन को खा जाते हैं। इसकी कीमत पशुओं को जान देकर चुकानी पड़ती है।
साढ़े 14 हजार रुपये की कीमत से लगाई गई मशीन
पुरानी अनाजमंडी में साढ़े 14 हजार रुपये की लागत से क्लॉथ बैग वेंडिंग मशीन लगाई गई है। मशीन को स्वच्छ भारत मिशन की ओर से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लगाया गया है। अगर लोग पॉलिथीन को छोड़कर कपड़े के बैग को प्रयोग करने के लिए जागरूक होते हैं तो बाजार में और भी मशीनें लगाई जाएंगी। मशीन में बैग रखने का काम स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दिया जाएगा। मशीन में जो राशि एकत्रित होगी उसे भी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दिया जाएगा। मार्केट में कैरी बैग की कीमत 10 रुपये है तो भरपाई के रूप में कुछ अंशदान विभाग की ओर से दिया जाएगा।
- संजीव चहल,स्वच्छ भारत मिशन अर्बन इंचार्ज।
मशीन लगाने का उद्देश्य लोगों को पॉलिथीन के प्रयोग करने के लिए जागरूक करना है। पॉलिथीन के बैग मनुष्य के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी हानिकारक हैं। अगर लोग जागरूक होंगे और कपड़े के कैरी बैग का प्रयोग करते हैं तो और मशीनें भी बाजार में लगाई जाएंगी। बाजार में आने वाले लोगों को पॉलिथीन की बजाए कपड़े के बैग का प्रयोग करना चाहिए।
-पुजा साहू, नपा सचिव जुलाना।