जींद। रोहतक रोड स्थित अनाज मंडी में 15 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद शुरू हुई थी, लेकिन हैफेड ने सरसों की खरीद लगभग दस दिन बाद शुरू की। इसके चलते मंडी में किसानों की सरसों को निजी खरीदारों ने इस दौरान सरसों को 4600 से 5200 रुपये तक ही खरीदा। इसके चलते किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। अब सरकारी खरीद शुरू होने के बाद किसानों को कुछ हद तक राहत मिली। किसानों की सरसों को प्राइवेट खरीददारों ने 4800 से 5300 रुपये तक खरीदना शुरू किया।
अब पिछले एक सप्ताह से हेफेड द्वारा निरंतर खरीद करने के कारण प्राइवेट खरीददारों ने भी सरसों के भाव में उछाल दिया है। इसके चलते मंगलवार को सरसों की कई ढेरियों को निजी बोली पर 5420 से 30 रुपये तक खरीदा गया। इसके अलावा सोमवार को सरकारी रेट से 70 रुपये ज्यादा तक भी एक दो ढेरियां बिकी थी। इसका किसानों को मूल्य 5520 व 5540 रुपये तक खरीदा गया। अब मौसम खुलने के बाद हैफेड भी सरसों की ज्यादा खरीद बढ़ाएगी। फिलहाल प्रतिदिन 2000 क्विंटल तक ही सरसों की खरीद हैफेड कर रही है। अभी तक सरसों में नमी होने के कारण खरीद प्रक्रिया मंदी है। मौसम खुलने के बाद सरसों में नमी की मात्रा कम हो जाएगी। इसके बाद प्राइवेट बोली पर सरसों के दाम बढ़ने की उम्मीद और ज्यादा होगी। अब तक मंडी में प्राइवेट बोली पर 29000 क्विंट सरसों की खरीद हो चुकी है, जबकि हैफेड द्वारा पांच हजार क्विंटल सरसों की खरीद हुई है।
कोट
जिन किसानों ने सरसों की फसल को पोर्टल पर अपलोड करवाया है। वह हैफेड को बेच सकते हैं। हैफेड मंडी में सोसायटी के माध्यम से खरीद कर रही है। यहां पर किसानों को 5450 रुपये प्रति क्विंटल सरसों का रेट मिल रहा है। किसानों को मंडी में सरसों बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
संजीव कुमार मार्केट कमेटी सचिव।