संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। लंबित मांगों को लेकर एमपीएचडब्ल्यू (बहु उद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता) ने बुधवार को काली पट्टी बांधकर सरकार के खिलाफ रोष जताया। साथ ही ऑनलाइन स्वास्थ्य पोर्टलों का बहिष्कार भी जारी रखा। इससे यूविन पोर्टल समेत कई डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं।
एसोसिएशन के राज्य प्रवक्ता संदीप कुंडू, राज्य उप प्रधान सुदेश देवी, जिला प्रधान प्रदीप लाठर और सचिव गुरनाम ने संयुक्त रूप ने बताया कि एमपीएचडब्ल्यू वर्ग 25 अक्टूबर से ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार करते हुए हड़ताल पर हैं। बुधवार को जिलेभर में आयोजित टीकाकरण सत्रों के दौरान डिजिटल निगरानी प्रभावित रही।
यूविन पोर्टल नहीं चल पाने के कारण गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को मिलने वाले मैसेज और डिजिटल प्रमाण पत्र जारी नहीं हो सके। इससे स्वास्थ्य विभाग की ऑनलाइन रिपोर्टिंग और निगरानी व्यवस्था पर सीधा असर पड़ा।
राज्य प्रवक्ता संदीप कुंडू ने स्पष्ट किया कि डिजिटल हड़ताल का मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन कार्यों के लिए पहले से नियुक्त कर्मचारियों की जवाबदेही तय करवाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों के ढुलमुल रवैये के कारण अधिकांश ऑनलाइन कार्यों का बोझ एमपीएचडब्ल्यू वर्ग पर डाल दिया गया है।
ऑनलाइन एंट्री बंद रहने से आरसीएच नंबर जारी होना, गैर-संक्रामक रोगों का डेटा, टीबी मरीजों का पोषण भत्ता और दवा वितरण रिकॉर्ड, आशा वर्कर भुगतान, डिजीज सर्विलांस, निरोगी हरियाणा सहित कई निगरानी पोर्टल ठप पड़े हैं।