जींद। जिला न्यायालय परिसर में इन दिनों बंदरों का आतंक है। मंगलवार को बंदरों का एक झुंड कोर्ट परिसर में बने नए लाइब्रेरी हॉल में घुस गया और वहां कुर्सियों की सीटों को फाड़ दिया। अधिवक्ताओं ने हेडहॉक कमेटी से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
कोर्ट परिसर में नए लाइब्रेरी हॉल का लोहे का मुख्य गेट 25 दिनों से टूटा पड़ा है। इसकी जानकारी देने के बावजूद अब तक गेट की मरम्मत नहीं कराई गई है। इसी का फायदा उठाकर बंदर आसानी से लाइब्रेरी हॉल और न्यायालय परिसर के अन्य हिस्सों में प्रवेश कर रहे हैं। बंदरों ने कई कुर्सियों पर लगे कपड़े उखाड़ दिए और फर्नीचर को भी नुकसान पहुंचाया।
घटना के समय कुछ अधिवक्ता हॉल में मौजूद थे लेकिन अचानक बंदरों के अंदर आने से अफरा-तफरी मच गई। अधिवक्ताओं ने उन्हें बाहर निकालने का प्रयास किया लेकिन बंदरों के आक्रामक होने के कारण कोई भी उनके पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। काफी मशक्कत के बाद बंदरों को हॉल से बाहर निकाला गया।
अधिवक्ताओं ने मांग की है कि टूटे हुए लोहे के गेट को तत्काल ठीक कराया जाए और बंदरों को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम की सहायता ली जाए।
बॉक्स
न्यायालय जैसे संवेदनशील परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो नुकसान बढ़ सकता है।
-घनश्याम गोयल, अधिवक्ता
बॉक्स
लाइब्रेरी हॉल के सभी गेटों को शाम पांच बजे बंद कर देने चाहिए जिससे बंदर अंदर नहीं घुस सके। सीसीटीवी कैमरों की भी व्यवस्था की जाए।
-अजय वशिष्ठ, अधिवक्ता
वर्जन
अभी कोर्ट की छुट्टियां चल रही है। छुट्टियां खत्म होते ही लोहे के गेट को ठीक करवाया जाएगा। फिर बंदरों को आवागमन बंद हो जाएगा।
-हरिमोहन भारद्वाज, सदस्य, हेडहॉक कमेटी बार जींद
23जेएनडी05-कोर्ट के नए हॉल में बंदरों द्वारा किया गया नुकसान। संवाद
23जेएनडी05-कोर्ट के नए हॉल में बंदरों द्वारा किया गया नुकसान। संवाद
23जेएनडी05-कोर्ट के नए हॉल में बंदरों द्वारा किया गया नुकसान। संवाद