जींद। गंगापुत्र आयुर्वेदिक कॉलेज के बीएएमएस प्रथम वर्ष के छात्र हर्षित की संदिग्ध हाल में हुई मौत ने कॉलेज प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हॉस्टल में रहने वाले छात्रों का आरोप है कि रात 9 बजे के बाद भी जब हर्षित रूम में नहीं लौटा तो उन्होंने प्रोफेसर को सूचना दी, लेकिन कॉलेज स्टाफ ने न तो पुलिस को जानकारी दी और न ही परिजनों को इस बारे में बताया।
गंगापुत्र आयुर्वेदिक कॉलेज के हॉस्टल में 15 से 20 छात्र रहते हैं। कई कमरे अभी भी खाली हैं। छात्रों ने बताया कि बुधवार की शाम 7 बजे हर्षित दोस्तों के साथ हॉस्टल से निकला था। वह हॉस्टल के सामने ढाबे पर जाकर बैठे थे। कुछ देर बाद हर्षित हॉस्टल के पास लगते पेट्रोल पंप की तरफ चला गया था।
दोस्तों ने सोचा हर्षित हॉस्टल चला गया होगा। इसके बाद जब छात्र हॉस्टल पहुंचे तो हर्षित वहां नहीं था। उन्होंने हर्षित का रात 9 बजे तक इंतजार किया। जब वह नहीं लौटा तो एक घंटा इंतजार करने के बाद सभी छात्र हर्षित को ढूढ़ने निकल पड़े।
रातभर उसे ढूढ़ा, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। वीरवार सुबह हर्षित का शव हॉस्टल से 400 मीटर दूर खेत में पड़ा मिला।
कॉलेज में हाजिरी रजिस्टर न सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम : छात्रों का आरोप है कि कॉलेज हॉस्टल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। छात्रों के हॉस्टल से बाहर आने-जाने की हाजिरी रजिस्टर में दर्ज नहीं होती है। हॉस्टल की दीवार इतनी छोटी है कि कोई भी दीवार फांदकर अंदर आ और जा सकता है।