संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत चल रहे महिला क्लस्टर फेडरेशन की महिला सदस्य ने अलग-अलग समूहों से स्वरोजगार के नाम पर पैसे लेकर उनकी किस्त नहीं भरी और करीब डेढ़ लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। सदर थाना पुलिस ने महिला क्लस्टर फेडरेशन की कोषाध्यक्ष की शिकायत पर गांव ढांडा खेड़ी निवासी महिला सुदेश के खिलाफ साजिश रचकर धोखाधड़ी करने के आरोप में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
संजीवनी महिला क्लस्टर की कोषाध्यक्ष सीमा ने सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके महिला क्लस्टर फेडरेशन में 19 गांवों के 22 ग्राम संगठन मिशन चल रहे हैं। 11 अक्तूबर को वह समूह सखी सुदेश के साथ गांव जुलानी से हंस महिला संगठन गांव ढांडा खेड़ी की बैठक में गई थी और वहां ग्राम संगठन का कार्रवाई रजिस्टर चेक किया। उन्होंने बताया कि किसी भी बैठक में समूह सखी सुदेश उपस्थित नहीं होती। सुदेश ने ग्राम संगठन से 42,400 रुपये लेकर उसमें से 20 हजार रुपये का गबन किया है।
उजाला समूह में से 30 हजार रुपये का लोन किया था, इसमें आठ हजार रुपये की किस्त भर दी और 22 हजार रुपये बकाया है। इसी तरह सैयद बाबा समूह से 30 हजार रुपये का लोन किया था। इसमें 10 हजार रुपये भर के 20 हजार रुपये बकाया है। नारी शक्ति समूह में 17 हजार रुपये कविता को दिलवाए गए हैं और इसमें वह खुद गारंटर बनी हुई है। यह राशि कविता ने जमा नहीं करवाई है। सुदेश से जब भी किस्त के बारे में कहा जाता तो वह कहती थी कि उसने गूगल-पे से किस्त जमा करवा दी है। किसी तरह की रसीद या मैसेज दिखाने से मना कर देती थी।
समय पर रुपये जमा नहीं करवाने के चलते संजीवनी महिला क्लस्टर फेडरेशन ने उस गांव का पैसा रोक दिया। सुदेश ने गांव की महिलाओं को भड़काया और समूह को तुड़वाने की भी कोशिश की। इस कारण क्लस्टर की बैठक कर सुदेश को समूह सखी के पद से हटा दिया। बाद में सुदेश को एक और मौका दिया और काम दिलवाया, लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आई। कुल मिलाकर सुदेश ने विभिन्न समूहों से एक लाख 50 हजार 320 रुपये की धोखाधड़ी की। जांच अधिकारी महेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस ने सीमा की शिकायत पर गांव ढांडा खेड़ी निवासी सुदेश के खिलाफ साजिश रचकर धोखाधड़ी करने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।