नागरिक अस्पताल में पीड़ित महिला से मिलकर जानकारी लेतीं महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी।
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ससुराल पक्ष के नौ लोगों पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला के मामले में शनिवार को महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी जींद पहुंची। उन्होंने पीड़ित महिला और पुलिस का पक्ष जानकर इस मामले में जींद पुलिस की कार्रवाई को क्लीन चिट देकर दिल्ली पुलिस केेेे सिर पर लापरवाही का ठीकरा फोड़ दिया है।
सुमन बेदी ने कहा कि इस मामले में जींद पुलिस ने जो कार्रवाई की है वही बनती थी, क्योंकि पीड़ित ने जो एक ही रात के मामले में दिल्ली और जींद पुलिस को अलग-अलग शिकायत दी हैं। इसमें एक रात को दो घटनाएं अलग-अलग नहीं हो सकती। पीड़ित ने दिल्ली में छेड़छाड़ का आरोप लगाकर शिकायत दी है तो उसी रात की घटना को जींद में यौन शोषण दिखाया है। इसके अलावा दहेज उत्पीड़न के मामले में जींद पुलिस ने कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि इस मामले में अब वह दिल्ली पुलिस से बात करेंगी, ताकि पीड़ित महिला को न्याय मिल सके। इसमें दोबारा जांच करवाने के लिए दिल्ली पुलिस से मिला जाएगा। पीड़ित की किसी भी स्तर पर अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।
महिला आयोग की सदस्य को पुलिस ने किया गुमराह
महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी को पुलिस ने कार चालक द्वारा टक्कर मारकर घायल करने के मामले गुमराह किया है। बेदी ने बताया कि घायल महिला को तीन मिनट के अंदर उठा लिया गया था, जबकि कार के टक्कर मारकर घायल करने के 14 से 15 मिनट बाद महिला को वहां से उठाया गया था।
डीआईजी को सोच समझकर देना चाहिए बयान : बेदी
न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठी महिला को गाड़ी की टक्कर मारकर घायल करने के मामले में डीआईजी ओपी नरवाल ने कहा था कि महिला ने खुद गाड़ी के आगे पैर कर दिए थे, जबकि गाड़ी चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाकर महिला को घायल किया था। इस मामले में बेदी ने कहा कि डीआईजी को अपना बयान सोच-समझ कर देना चाहिए। वह जिम्मेदार पद पर हैं।