जींद। पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जाति सदस्यों की बैठक रविवार को कुमार धर्मशाला में हुई। इस दौरान पंचकूला में शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर रोष जताया। वक्ताओं ने 35 प्रतिशत मापदंड और प्रमाण-पत्र की तिथि संबंधी शर्तों को हटाने और पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की।
डॉ. बीआर आंबेडकर सोसाइटी अध्यक्ष राजेश पहलवान ने बताया कि एचपीएससी के चयनित अभ्यर्थियों को आयोग ने 35 प्रतिशत का नया मापदंड लागू किया है। इसके अलावा पिछड़ा वर्ग प्रमाण-पत्र की जारी करने की तिथि से संबंधित शर्तों के कारण अनेक योग्य अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है। इन्हीं अर्थहीन शर्तों को हटाने की मांगों को लेकर अभ्यर्थी अधिकारों के तहत शांतिपूर्वक धरना एवं अनशन कर रहे थे।
शनिवार देर रात पुलिस ने अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों को जबरन वहां से हटाकर अस्पताल में छोड़ दिया और अस्थायी तंबू भी तहस-नहस कर दिए। रोशन लाल दुग्गल ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। पिछड़ा वर्ग कल्याण महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष रविंद्र शास्त्री ने सरकार से मांग कि अभ्यर्थियों की सभी मांगों पर निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से पुनर्विचार किया जाए। इस अवसर पर टेक राम ढाठरथ, रविंद्र रानोलिया, जिले सिंह आर्य, विजय आर्य, रणबीर तंवर, राजबीर बाजवान मौजूद रहे।