संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। नशा और एचआईवी जैसी गंभीर सामाजिक व स्वास्थ्य समस्याओं के खिलाफ जागरूकता की अलख जगाने में मीनाक्षी एक मजबूत प्रहरी के रूप में उभरकर सामने आई हैं। उन्होंने श्री सांई संस्था के साथ जुड़कर नशा मुक्ति और एचआईवी से बचाव को लेकर जन-जागरूकता का कार्य शुरू किया। संस्था के संचालक भूपेंद्र मलिक भी मीनाक्षी को काम के लिए प्रेरित करते हैं।
मीनाक्षी नशा करने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें इलाज के लिए प्रेरित कर रही हैं। अब तक शहर में 200 से अधिक नशा करने वालों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से अनेक को नागरिक अस्पताल जींद के माध्यम से दवा और परामर्श दिलवाया जा रहा है। उनका उद्देश्य केवल नशा छुड़वाना ही नहीं बल्कि इन लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उनका भविष्य सुधारना भी है।
जागरूकता फैलाने के लिए मिनाक्षी स्कूलों और कॉलेजों में विशेष शिविर लगवा रही हैं। इन शिविरों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों, एचआईवी संक्रमण के कारणों, उससे बचाव के उपायों और सुरक्षित जीवनशैली के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाती है। युवाओं को नशे से दूर रहने और गलत संगत से बचने का संदेश दिया जाता है।
मिनाक्षी का कहना है कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। समय रहते सही मार्गदर्शन और इलाज मिल जाए, तो नशे की गिरफ्त में आए व्यक्ति का जीवन दोबारा पटरी पर लाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कई लोग सामाजिक भय और जानकारी के अभाव में इलाज से दूर रहते हैं ऐसे में जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। मीनाक्षी का यह संकल्प आने वाली पीढ़ी को नशा मुक्त और स्वस्थ समाज देने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।