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Jind News: चिकित्सा अधिकारियों ने क्षय रोगियों को लिया गोद

Sat, 23 Mar 2024 01:26 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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जींद। जिला क्षय रोग केंद्र में सिविल सर्जन डॉ. गोपाल गोयल की अध्यक्षता में विश्व क्षय रोग दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें डाॅ. गोपाल गोयल व डाॅ. संदीप लोहान ने निक्षय योजना के तहत टीबी के पांच-पांच मरीजों को गोद लिया और उन्हें पोषणयुक्त आहार किट प्रदान की।
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भारत को 2025 तक टीबी यानी तपेदिक या क्षय रोग से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सरकार ने निक्षय योजना के तहत टीबी मरीज को गोद लेने की शुरुआत की है। इस योजना के तहत कोई भी स्वयंसेवी संस्था, औद्योगिक इकाई या संगठन, राजनीतिक दल या कोई भी व्यक्ति टीबी के मरीज को गोद ले सकता है। उन्हें पोषणयुक्त आहार देता है। इसमें चना, गुड़, दाल, सोयाबीन व अंडे इत्यादि शामिल हैं, ताकि वह उसका समुचित इलाज करा सके। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि लापरवाही की वजह से टीबी के मरीज बीच में ही अपना इलाज न छोड़े। अबतक समाजसेवी संस्थाओं व अधिकारियों द्वारा लगभग 800 मरीजों को गोद लिया जा चुका है और विभाग के पास 1495 क्षय रोगी पंजीकृत हैं।
सिविल सर्जन डॉ. गोपाल गोयल ने कहा कि यह बीमारी किसी भी आयु में हो सकती है। यह एक संक्रामक रोग है। कीटाणु मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करता है। इसके कारण फेफड़ों की टीबी होती है। कभी कभी यह शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित करता है। टीबी के संभावित मरीजों में मुख्य तौर पर दो सप्ताह से ज्यादा लगातार खासी रहना, शाम के समय बुखार रहना, छाती में दर्द रहना, भूख न लगना, बलगम में खून आना, लगातार वजन कम होना होता है। अगर इस तरह के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अपने बलगम की जांच करवानी चाहिए।
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500 रुपये प्रतिमाह पौष्टिक आहार भत्ता मिल रहा
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संदीप लोहान ने कहा कि टीबी के मरीज को इलाज की पूरी अवधि के दौरान 500 रुपये प्रतिमाह पौष्टिक आहार भत्ता दिया जाता है। टीबी के मरीज को चाहिए कि अपने खानपान का विशेष ध्यान रखे। संतुलित आहार ले। नियमित रूप से दवा ले। धूम्रपान व शराब का सेवन बंद करे। बलगम को मिट्टी में दबा दें। जब खांसना हो तो मुंह पर कपड़ा अवश्य लगाएं, ताकि टीबी के मरीजों को बढ़ने से रोका जा सके। सरकार 2025 तक देश को टीबी यानी तपेदिक या क्षय रोग से मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है।
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