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कमजाेर वर्ग के लिए विवाह शगुन योजना एक प्रयास : मोहम्मद इमरान रजा

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जींद। हरियाणा सरकार की तरफ से समाज के सभी वर्गों की बेटियों और दिव्यांगजन की शादी में आर्थिक सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना संचालित की जा रही है। यह योजना कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने और बेटियों के विवाह के लिए प्रोत्साहन देने का सराहनीय प्रयास है।
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डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना समाज में समानता और सशक्तिकरण का प्रतीक है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहायता प्रदान करना और बेटियों की शादी में आर्थिक चिंताओं को कम करना है। उन्होंने सभी पात्र परिवारों से अपील की कि वे इस योजना का लाभ उठाएं और अपनी बेटियों के भविष्य को सुरक्षित और खुशहाल बनाएं।
डीसी ने कहा कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को सहायता राशि प्रदान की जाती है जिसमें अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति के लाभार्थियों जिनकी वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये तक हो की बेटियों के विवाह पर 71,000 अनुदान राशि प्रदान की जाती है और पिछड़े वर्ग और सामान्य वर्ग के व्यक्तियों जिनकी वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये तक हो की बेटियों के विवाह पर 41,000 अनुदान राशि दी जाती है।
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उन्होंने कहा सभी वर्गों की विधवा, अनाथ, तलाकशुदा, बेसहारा महिलाओं और उनके बच्चों की बेटियों की शादी के लिए 51,000 राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ी महिलाओं जिनकी वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये तक हो की शादी के लिए भी 41,000 की सहायता राशि दी जाती है।
योजना के तहत यदि विवाह में दोनों वर-वधू दिव्यांग हैं तो उन्हें 51,000 राशि दी जाएगी। अगर केवल एक वर या वधू दिव्यांग है तो 41,000 की अनुदान राशि दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को बेटी के विवाह के बाद छह माह के भीतर विवाह पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया गया है। आवेदक शादी डॉट दिशा डॉट जीओवी डॉट इन पोर्टल पर जाकर विवाह पंजीकरण और मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के लिए आवेदन कर सकते है।
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