संवाद न्यूज एजेंसी
सफीदों। क्षेत्र में गायों में लंपी जैसे लक्षण सामने आने से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। पशुओं के शरीर पर अचानक छोटी-छोटी गांठें बनने, तेज बुखार आने और दूध उत्पादन कम होने की शिकायतें मिल रही हैं। सिवाना माल गांव में गायों में लंपी जैसे लक्षण सामने आने से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। क्षेत्र में कई दर्जन मवेशी अचानक तेज बुखार, शरीर पर छोटी-छोटी गांठें और कमजोरी की समस्या से जूझ रहे हैं।
बीमारी के कारण पशुओं के दूध उत्पादन में भी कमी आने की शिकायत सामने आई है। वहीं पशुपालक श्रीभगवान, कपिल और जागेराम ने बताया कि करीब छह बेसहारा गायों और कई बछड़ों की मौत हो चुकी है। कई गायों को पहले तेज बुखार आया। इसके बाद उनके शरीर पर छोटी-छोटी गांठें दिखाई देने लगीं।
कुछ ही समय में गांठों की संख्या बढ़ गई और शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर फैल गईं। बीमारी के चलते पशु कमजोर होते जा रहे हैं और उनकी दूध देने की क्षमता भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पशुओं में दिखाई दे रहे लक्षण लंपी रोग से मिलते-जुलते हैं। हालांकि, बीमारी की वास्तविक स्थिति की पुष्टि पशु चिकित्सकीय जांच के बाद ही हो सकेगी।
पशुपालकों ने पशुपालन विभाग से प्रभावित पशुओं की तत्काल जांच कराने, बीमार पशुओं का इलाज करने और क्षेत्र में टीकाकरण अभियान चलाने की मांग की है।
02जेएनडी03: सिवानामाल गांव में लंबी से ग्रस्त गोवंश। संवाद