संवाद न्यूज एजेंसी
सफीदों। बिजली समस्या से तंग पांच गांवों सिंघाना, पाजू कलां, पाजू खुर्द, मुआना व छाप्पर के किसानों ने बुधवार को उपमंडल के गांव सिंघाना स्थित पावर हाउस पर तालाबंदी कर धरना दिया और नारेबाजी की। किसान बुधवार सुबह 8 बजे पावर हाउस पर अपनी समस्या को लेकर पहुंचे और वहां कर्मचारियों से बातचीत की। समस्या का हल न निकलता देख पावर हाउस के गेट पर ताला लगा दिया।
ग्रामीणों की मांग थी कि उन्हें पहले चल रहे शेड्यूल के मुताबिक बिजली दी जाए तथा अघोषित कट न लगाए जाएं। तालाबंदी की सूचना पाकर बिजली विभाग के एसडीओ अंकुश गर्ग व सदर थाना एसएचओ बलजीत सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक विभाग का कोई बड़ा अधिकारी उन्हें आकर पुख्ता आश्वासन नहीं दे देता तब तक वह इसी प्रकार तालाबंदी करके धरने पर बैठे रहेंगे। धरने में शामिल मार्किट कमेटी सफीदों के पूर्व चेयरमैन विक्रम राणा, गांव सिंघाना के पूर्व सरपंच सुरेंद्र राणा, बजिंद्र पाजू आदि ने कहा कि वे कई दिनों से आंदोलनरत हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। निगम की मनमानी के कारण गांव सिंघाना, पाजू कला, पाजू खुर्द, मुआना व छाप्पर सबसे अधिक प्रभावित हैं। आरोप लगाया कि ग्रामीणों का आरोप था कि निगम के अधिकारी व कर्मचारी हैचरियों व राइस मिल मालिकों को को तो पूरी बिजली उपलब्ध करवा रहे हैं, लेकिन किसानों को बिजली से वंचित रखा जा रहा है। इस इलाके के किसान को रात में केवल 2 घंटे ही बिजली प्राप्त हो रही है।
इस समस्या को लेकर मंगलवार को भाजपा जिलाध्यक्ष राजू मोर इस पावर हाउस पहुंचे थे और अधिकारियों से बात की थी। तब आश्वासन मिला था कि समस्या का समाधान हो जाएगा, लेकिन उनके हस्तक्षेप को बिजली अधिकारी व कर्मचारी मानने से इंकार कर रहे हैं। वहीं निगम के अधिकारी व कर्मचारी किसानों के ऊपर फोर्स बुलवाकर पुलिस के डंडे मरवाने व एफआईआर दर्ज करवाने तक की धमकियां देते हैं।
निगम के अधिकारियों ने बताया कि कम उत्पादन व अधिक लोढ़ को देखते हुए बिजली सप्लाई का शेड्यूल बनाया गया है। यहां पर सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक, दोपहर 2 बजे से रात्रि 10 बजे तक और रात्रि 10 बजे से 6 सुबह बजे तक शेड्यूल बनाया गया है, लेकिन यहां के किसान चाहते हैं कि उन्हें हमेशा ही दिन का शेड्यूल दिया जाए। वह रात का शेड्यूल लेने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। उनकी तरफ से जैसे निर्देश आएंगे, उनकी अनुपालना की जाएगी। उसके उपरांत निगम के एक्सईएन विनीत पातड़ मौके पर पहुंचे और किसानों को आश्वासन दिया कि उन्हे पहले के शेड्यूल के अनुसार ही बिजली दी जाएगी। जिसके बाद किसानों ने तालाबंदी खोली।