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Jind News: गंभीर मरीजों को रेफर न कर नागरिक अस्पताल में ही बचाई जा सकेगी जान

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जींद। नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार किया गया है। इस बदलाव का उद्देश्य मरीजों को उच्चस्तरीय आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। इन सुधारों को डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला के मार्गदर्शन में किया गया, ताकि गंभीर मरीजों को पीजीआई रेफर करने की बजाए, एमरजेंसी में ही बेहतर इलाज दिया जा सके।
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नागरिक अस्पताल के एमरजेंसी वार्ड में उन्नत सीपीआर बेड की सुविधा शुरू की गई। इसमें आपातकालीन स्थितियों के दौरान उच्च गुणवत्ता वाली सीपीआर सुनिश्चित करने के लिए विशेष सीपीआर बेड लगाए गए हैं। इससे गंभीर मरीजों की जान बचाने की संभावना पहले से अधिक बढ़ती हैं। सभी बेड पर एडवांस मॉनिटर्स लगाए गए हैं। इससे हर मरीज को ईसीजी मॉनिटरिंग समेत जरूरी जांच तुरंत मिल सकेगी। इसके अलावा नए मॉनिटर्स भी इंस्टॉल करवाए गए हैं। एक ऑटोमैटिक अंबू बैग मशीन भी लगाई गई है, जो सीपीआर के दौरान एवं वेंटिलेटर के विकल्प के रूप में इस्तेमाल की जा सकती है। यह मशीन सांस के मरीजों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगी। एमरजेंसी वार्ड में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। मरीजों व परिजनों को सही जानकारी और उचित दिशा-निर्देश देने के लिए बाहर एक सुरक्षा डेस्क स्थापित किया गया है। ट्रायाज क्षेत्र में भी मॉनिटर्स लगाए गए हैं, ताकि गंभीर मरीजों के वाइटल साइन वहीं मापे जा सकें और समय रहते उचित इलाज शुरू हो सके। रोजाना चिकित्सा कर्मियों एवं नर्सिंग स्टाफ की ट्रेनिंग की जा रही है, ताकि आपात स्थितियों में त्वरित व प्रभावी उपचार सुनिश्चित हो सके।
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एमरजेंसी में 300 से ज्यादा की होती है ओपीडी
नागरिक अस्पताल के एमरजेंसी वार्ड में प्रतिदिन 300 के लगभग ओपीडी होती हैं। रात को अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था एमरजेंसी के भरोसे ही रहती है। रात को गंभीर से लेकर आम स्थिति तक के मरीज अस्पताल में आते हैं, लेकिन सुविधाएं नहीं होने से 50 से 60 मरीजों को प्रतिदिन रेफर किया जा रहा था। अब अस्पताल से रेफर की संख्या भी कम होगी और इलाज भी बेहतर मिलेगा।
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क्रैश कार्ट प्रबंधन
आपातकालीन दवाओं को सुव्यवस्थित रूप से क्रैश कार्ट में रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें बिना देरी उपयोग में लाया जा सके। इससे अस्पताल प्रशासन का दावा है कि उनका लक्ष्य हर मरीज की जान बचाना है। अगर किसी मरीज को रेफर भी करना पड़े, तो रास्ते में उसे कोई असुविधा न हो। इसके लिए भी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
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एमरजेंसी वार्ड में सभी तरह के सुधार एस्थीसियोलॉजिस्ट और क्रिटिकल केयर नर्सिंग इंचार्ज डाॅ. मृत्युंजय गुप्ता व अन्य स्टाफ के माध्यम से किए जा रहे हैं। सभी मिलकर इमरजेंसी सेवाओं को सुदृढ़ करने का प्रयास कर रहे हैं। इमरजेंसी विभाग को अत्याधुनिक बनाने के लिए प्रयास लगातार जारी रहेंगे, ताकि मरीजों को जल्द से जल्द सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध हो सके।
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-डॉ. राजेश भोला, डिप्टी एमएस, नागरिक अस्पताल जींद।
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