पूर्व मंत्री सत्यनारायण लाठर ने शनिवार को भाजपा छोड़कर कांग्रेस में अपनी आस्था जताई। इस दौरान सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि जल्द ही जुलाना में स्थानीय समस्याओं के लिए प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने स्थानीय नेताओं को कहा कि यहां प्रदर्शन इतना बड़ा होना चाहिए कि चंडीगढ़ तक उसका शोर जाए। वहीं पूर्व मंत्री सत्यनाराण लाठर ने हलके के कांग्रेसियों और विशेषकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा समर्थकों के उदाहरण सांसद दीपेंद्र हुड्डा को दिए। इस पर मंच पर मौजूद लोगों ने उन्हें बीच में टोका।
कार्यक्रम के दौरान विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष और विधायक कुलदीप शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि लाठर बहुत ही अनुभवी व्यक्ति हैं। उनको हर पार्टी का अनुभव है। गौरतलब है कि पूर्व मंत्री सत्यनारायण लाठर लोकदल से लेकर कांग्रेस, भाजपा, हजकां, इनेलो व हरियाणा विकास पार्टी में रह चुके हैं। जब कुलदीप शर्मा ने यह बात कही तो यहां मौजूद लोगों ने भी ठहाके लगाए। कार्यक्रम के दौरान सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि भाजपा ने जनता को प्रलोभन देकर सत्ता हथियाने का काम किया है। पहले तो भाजपा नेता यह कहते थे कि वे चार करोड़ नौकरियां और नौ हजार रुपये प्रति माह बेरोजगारी भत्ता देंगे, लेकिन सत्ता में आने के बाद प्रदेश के लोगों को न तो नौकरी दी है और न ही भत्ता। सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार में जींद से रोहतक तक बनने वाले बाईपास का कार्य भी बंद किया गया है और रोहतक से हिसार बाईपास का कार्य पूरा करवाया गया है। सांसद ने कहा कि सोनीपत में रेल कोच फैक्टरी स्थापित की जानी थी, लेकिन उसे भी दूसरी जगह स्थापित करने मंजूरी दी गई है। इस मौके पर गोहाना से विधायक जगबीर मलिक, पूर्व वित्तमंत्री संपत सिंह, बच्चन सिंह आर्य, पूर्व सीपीएस प्रहलाद सिंह, सत्यनारायण लाठर, जगबीर ढिगाना, महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष ऋतु लाठर, स्नेह अहलावत मौजूद रहे।
कांग्रेसियों ने ही लोगों को आने से रोका
कार्यक्रम के दौरान सत्यनारायण लाठर ने सांसद दीपेंद्र हुड्डा को संबोधित करते हुए कहा, 'मैं आज के दौर की राजनीति के काबिल नहीं हूं।Ó लाठर ने कहा कि खुद कांग्रेसियों और विशेषकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेेंद्र सिंह हुड्डा समर्थकों ने ही लोगों को यहां आने से रोका है। इससे उन्हें बहुत पीड़ा है। इसी दौरान मंच पर मौजूद लोगों ने उन्हें टोक दिया।
लाठर सहित अन्य नेताओं की कटी जेब
कार्यक्रम के दौरान भाजपा छोड़ने वाले पूर्व मंत्री सत्यनाराण लाठर सहित दो-तीन अन्य लोगों की जेब भी कट गई। कार्यक्रम की समाप्ति पर लाठर ने स्वयं मंच से कहा कि उनको केवल उनका मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज दे दिए जाएं, पैसे बेशक रख लें।