जींद। जिले के 62 गांव की जमाबंदी अपडेट होगी। इन गांवों की जमीन का रिकॉर्ड ऑनलाइन अपडेट किया जाएगा। ऐसा होने से उन्हें ठीक करवाई गई त्रुटियों के बारे में जानकारी मिल सकेगी। जमीन का रिकॉर्ड ऑनलाइन करने का काम जिला राजस्व विभाग ने शुरू कर दिया है। कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया गया है।
प्रदेश सरकार की हिदायत के अनुसार हर साल जिले की 20 प्रतिशत जमीन का रिकॉर्ड ऑनलाइन अपडेट करना होता है। इस बार जिले के 62 गांव चुने गए हैं। पिछले पांच साल में जितनी भी जमीन खरीद-फरोख्त हुई है राजस्व विभाग ने जमीन की जमाबंदी का रिकॉर्ड अपडेट करने का कार्य शुरू कर दिया है।
पिछले साल 61 गांव की जमाबंदी का रिकॉर्ड अपडेट किया गया था। जमाबंदी के रिकार्ड का कन्साइनमेंट (अपडेट) करने का फायदा यह होगा कि लोगों को अपनी जमीन का इंतकाल निकलवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जमीन से संबंधित किसी कार्य के लिए जमाबंदी की नकल से ही काम चल जाएगा। कोर्ट से संबंधित मामलों में जमानत के लिए भी इंतकाल के बजाय जमाबंदी नकल की जरूर पड़ेगी। संवाद
जानें... किन गांवों की जमीन का रिकॉर्ड होगा अपडेट
जींद : खंड के 17 गांव की जमीन का रिकॉर्ड ऑनलाइन अपडेट किया जाएगा। इनमें जींद, तेग बहादुर, लखमीरवाला, सिंधवीखेड़ा, बरसोला, पड़ाना, राजपुरा, झांझखुर्द, रूपगढ़, ईक्कस, बिरोली, ढिगाना, बरहा कलां, खरकरामजी, रामराय, किनाना और जाजवान शामिल हैं।
अलेवा : खंड के आठ गांव शामिल किए हैं। इनमें गोहिया, पेगां, जीवनपुर, बधाना, रायचंदवाला, नगूरां, थुआ, अलेवा गांव शामिल हैं।
उचाना : खंड के आठ गांव योजना के लिए चुने गए हैं। इनमें डूमरखा कलां, बडऩपुर, भगवानपुरा, उचाना खुर्द, काकड़ोद, बड़ौदा, घोघड़िया और खटकड़ शामिल हैं।
जुलाना : खंड के मात्र तीन गांव योजना में शामिल होंगे। इनमें लिजवाना खुर्द, गतौली और कमाचखेड़ा गांव शामिल हैं।
नरवाना : खंड के 11 गांव योजना के लिए चुने गए हैं। इनमें सुरजाखेड़ा, लोहचब, खानपुर, लोन, सच्चाखेड़ा, सैंथली, धमतान साहिब, खरल, ढाबी टेकसिंह, पदार्थखेड़ा और गुरुसर शाामिल हैं।
सफीदों : खंड के 15 गांव को योजना के लिए चुना गया है। इनमें सफीदों, मलिकपुर, खेड़ा खेमावती, अंटा, निम्नाबाद, सिंघपुरा, हाट, ऐंचरा खुर्द, कलावती, ढाठरथ, रिटोली, रजाना, मोरखी, भंभेवा और भिड़ताना शामिल हैं।
जिला राजस्व विभाग की तरफ से जिले में जमाबंदी का रिकॉर्ड अपडेट किया जाएगा। पूरे जिले में 62 गांव की जमीन की जमाबंदी का रिकॉर्ड अपडेट होना है।
राजकुमार, जिला राजस्व अधिकारी, जींद।
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जमाबंदी रिकॉर्ड अपडेट करने बारे अधिकारियों और कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों को अब इंतकाल लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जमीन से संबंधित कार्य के लिए जमाबंदी की नकल से ही काम चल जाएगा।
-मोहम्मद इमरान रजा, डीसी, जींद।