नरवाना। कोरोना काल में जब लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए थे, उस समय नरवाना की कुसुमलता गुप्ता ने बाहर निकलकर लोगों की सेवा के लिए अपने हाथ आगे बढ़ाए थे। उन्होंने तीन हजार मास्कर घर पर स्वयं तैयार करके लोगों को वितरित किए। इसके अलावा कोरोना टीकाकरण के लिए लगभग साढ़े पांच हजार लोगों के रजिस्ट्रेशन करवाए। नरवाना प्रशासन द्वारा उनको दो बार तथा अन्य समाज सेवी संस्थाओं द्वारा कई बार सम्मानित किया जा चुका है।
मार्च 2019 में शुरू हुई कोरोना महामारी ने सभी लोगों को चिंता में डाल दिया था। पहली बार बीमारी आने से लोगों में भय का माहौल पैदा हो गया था तथा घरों में लोग दुबक गए थे। दुकानें बंद हो गई थी तथा जरूरतमंद लोगों को खाने के भी लाले पड़ गए थे। उस समय कुसुमलता गुप्ता बाहर निकली। उन्होंने लोगों तक मास्क पहुंचाने के लिए घर पर ही तीन हजार मास्क तैयार किए और लोगों को वितरित किए। इसके अलावा उन्होंने 200 परिवारों को घर पर ही मास्क तैयार करने के लिए प्रेरित किया।
कोरोना से जंग में यूं दिया योगदान
जब कोरोना वैक्सीन पहली बार आई तो भी इसमें कुसुमलता गुप्ता ने बहुत मदद की। उन्होंने कोरोना वैक्सीन के लिए आने वाले लोगों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू करवाए। कुसुमलता गुप्ता व उनकी टीम ने 4890 लोगों को आरोग्य सेतू एप पर रजिस्टर्ड करवाया तथा वैक्सीन लगवाई। इसके अलावा 762 लोगों का आई मॉट एप पर वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया। 550 लोगों को सैनिटाइजर वितरित किए। कोरोना काल में जब कोरोना संक्रमितों की देखभाल से लोग कतराने लगे तो कुसुमलता गुप्ता ने 335 वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल की। उन्होंने 1272 नए स्वयंसेवकों को ऑनलाइन जोड़ा जो लोगों के घरों तक खाना पहुंचाने, दवाई पहुंचाने तथा अन्य जरूरत का सामान पहुंचाने का कार्य करते थे। उन्होंने जगह-जगह लोगों को मास्क पहनने, शारीरिक दूरी के नियम का पालन करने, साबुन से बार-बार हाथ धोने के लिए प्रेरित किया।
चला रहीं जागरूकता अभियान, कई बार मिला सम्मान
फिलहाल वे टीकाकरण को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों, जन जागरूकता एवं लोगों को टीकाकरण केंद्र तक पहुंचाने में सहयोग प्रदान कर रही हैं। ब्लॉक में सोशल मीडिया, केंद्र एवं राज्य सरकार, जिला प्रशासन व प्रतिष्ठित व्यक्तियों के संदेशों को भेजकर भी व्यापक जन जागरूकता का कार्य कर रही हैं। इसके अलावा कुसुम शिक्षा के क्षेत्र में भी अपना योगदान दे रही हैं। वह ईंट-भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चों को शिक्षित कर रही हैं। वह हमेशा अपने स्वभाव एवं कार्य के दम पर समाज में लोगों की मदद के लिए प्रतिबद्ध रहती हैं। उनको दो बार नरवाना प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जा चुका है तथा अन्य सामाजिक संस्थाओं ने भी उनको कई बार सम्मानित किया है।