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जींद और रोहतक में राकेश टिकैत की महापंचायत आज, स्वागत के लिए मंगवाए कई क्विंटल फूल

Wed, 03 Feb 2021 12:05 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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राकेश टिकैत - फोटो : पीटीआई
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जींद के कंडेला गांव में बुधवार को होने वाली भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की महापंचायत में उमड़ने वाली भीड़ जींद में किसान आंदोलन के लिए नई रणनीति बनाने का काम करेगी। यदि भीड़ उम्मीद से अधिक आई तो आंदोलन की रूपरेखा मंच से ही सुनाई जाएगी। नहीं तो आंदोलन की रणनीति के बारे में बाद में लोगों को बताया जाएगा। बुधवार को किसान नेता टिकैत पहले कंडेला और फिर खटकड़ टोल पर चल रहे धरना स्थल पर लोगों को संबोधित करेंगे। इस बीच देर रात राकेश टिकैत ने कहा कि लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने आंदोलन के दौरान सामान और कंबल भिजवाए थे।

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बता दें कि कंडेला खाप के ऐतिहासिक चबूतरे पर उनके लिए चाय-नाश्ते का प्रबंध किया गया है। वहीं महापंचायत खेल स्टेडियम में होगी। इस दौरान वाहनों की पार्किंग के लिए तीन एकड़ में व्यवस्था की गई है। टिकैत के स्वागत के लिए ग्रामीणों ने कई क्विंटल फूल मंगवाए हैं। पहले महापंचायत गांव के बीच स्थित कंडेला खाप के ऐतिहासिक चबूतरे पर की जानी थी लेकिन भीड़ अधिक होने की संभावना के चलते सात एकड़ में बने खेल स्टेडियम को चुना गया है। मंगलवार को कंडेला खाप के प्रधान रामफल कंडेला व अन्य भाकियू नेताओं ने तैयारियों का जायजा लिया। 

कंडेला खाप के प्रधान टेकराम कंडेला ने बताया कि महांपचायत में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, महासचिव युद्धवीर सिंह, किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी, पंजाब से नेता लबीर सिंह राजेवाल, रतन सिंह मान, चौधरी जोगेंद्र सिंह मान के अलावा हरियाणा की सभी खाप पंचायतें, तपे, बारहा के अलावा पंजाब, उत्तर प्रदेश व राजस्थान के किसान हिस्सा लेंगे। 

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कठोर निर्णय लेने में माहिर हैं कंडेला खाप के लोग

कंडेला खाप के लोगों को कठोर निर्णय लेने के लिए जाना जाता है। 28 जनवरी शाम को जब राकेश टिकैत की आंखों में कंडेला खाप के लोगों ने आंसू देखे तो रात को ही जींद-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया था। इसी प्रकार 2002 में बिजली बिलों के विरोध में किसान आंदोलन में भी कंडेला खाप ने पूरा आंदोलन अपने गांव पर ही केंद्रीत कर लिया था। यहां नौ किसानों की मौत हुई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के गांव में घुसने पर पाबंदी लगा दी थी। अब इंटरनेट बहाली को लेकर भी सोमवार रात को कंडेला गांव के लोगों ने जाम लगा दिया था।
 
राकेश टिकैत आज रोहतक के किसानों में भरेंगे जोश
कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन को गति देने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत तीन फरवरी को खरावड़ आ रहे हैं। यहां वे किसानों में जोश भरने का काम करेंगे। उनके रोहतक आगमन पर किसानों की ओर से पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया जाएगा। यह फैसला मंगलवार को खरावड़ में किसानों के लिए लगाए गए शिविर पर खरावड़ के ग्रामीणों ने लिया। 

लंगर के संचालक यशवंत मलिक ने शिविर में सेवारत ग्रामीणों की बैठक लेते हुए किसान नेता के स्वागत को लेकर चर्चा की। स्वागत में किसी तरह की कसर न रहे, इसके लिए किसानों को जिम्मेदारियां सौंपी गई। इसके तहत उनका पगड़ी पहनाकर स्वागत किया जाएगा। राकेश टिकैत यहां किसानों को संबोधित भी करेंगे। इसके लिए 24 बाई 24 फुट का मंच लगाया गया है। यहां 15 से 20 प्रबुद्धजनों के बैठने की व्यवस्था रहेगी। बुधवार सुबह 10 बजे रागिनी से कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। 

यही नहीं लंगर पर भी खास व्यंजन बनाए जाएंगे। यहां रोज की तरह एक नहीं, तीन तरह की सब्जियां बनाई जाएगी। इसमें आलू-मटर, दाल मखनी व मिक्स वेज शामिल है। मीठे में किसान नेता के लिए हलवा बनेगा। पूरी के साथ रोटियों की भी व्यवस्था रहेगी। इधर, मकड़ौली टोल पर किसानों का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। यहां किसान धरने पर बैठे रहे। पुरुषों व महिलाओं के दल सुबह ही ट्रैक्टरों में सवार होकर धरना स्थल पर पहुंचने शुरू हो गए थे। यहां रागिनी कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से किसानों को मंत्रमुग्ध किया।
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