जुलाना। नगर पालिका जुलाना के चेयरमैन डॉ. संजय जांगड़ा को शहरी स्थानीय निकाय विभाग के महानिदेशक ने निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई करीब छह माह पहले सामने आए रिश्वत प्रकरण के आधार पर की गई है।
बीते 16 अगस्त को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने डॉ. संजय जांगड़ा को दो लाख 27 हजार 500 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोप था कि ठेकेदार का 91 लाख 20 हजार 454 रुपये का बिल पास कराने की एवज में रिश्वत मांगी गई थी। ठेकेदार ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को दी थी जिसके बाद टीम ने उन्हें गिरफ्तार किया था।
सितंबर में वे जमानत पर जेल से बाहर आ थे और इसके बाद दोबारा चेयरमैन का पदभार संभाल लिया था। इस संबंध में करनाल पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था और जांच जारी है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार यदि किसी निकाय के अध्यक्ष या सदस्य के खिलाफ आपराधिक मामले में जांच, पूछताछ या विचारण लंबित हो तो उसे निलंबित किया जा सकता है।
इस मामले में नपा के चेयरमैन डाॅ संजय जांगड़ा ने कहा कि उन्हें जो पत्र विभाग से मिला है उसमें लिखा गया है कि वह रंगे हाथ पकड़े गए हैं जबकि वह ना तो रंगे हाथ पकड़े गए थे और ना ही उनसे कुछ बरामद हुआ था।