जींद। शहर में पहली बार इस्कॉन मंदिर की ओर से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा महारानी की रथ यात्रा निकाली गई। यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने भगवान जगन्नाथ के रथ का रस्सा खींचकर स्वयं को सौभाग्यशाली माना।
रथ यात्रा का शुभारंभ जयंती देवी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई रोहतक रोड स्थित इस्कॉन मंदिर पहुंची, जहां महाआरती, हरिनाम संकीर्तन और महाप्रसाद के साथ इसका समापन हुआ।
यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ के जयघोष, हरिनाम संकीर्तन और भक्ति संगीत से शहर का वातावरण भक्तिमय बना रहा। यात्रा में रूस, फ्रांस, यूक्रेन सहित कई देशों से आए श्रद्धालुओं ने भी उत्साह के साथ भाग लिया। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा, आरती और स्वागत किया गया। जगह-जगह भजन-कीर्तन के साथ जलपान की भी विशेष व्यवस्था की गई थी।
यह आयोजन इस्कॉन मंदिर रोहिणी के अध्यक्ष केशव मुरारी प्रभु के सान्निध्य में और इस्कॉन मंदिर जींद के अध्यक्ष अमरेंद्र हरिदास की देखरेख में संपन्न हुआ। दिल्ली के प्रमुख समाजसेवी टी.आर. मित्तल, मुख्य सहायक वृंदावन मोहन दास, विकास मलिक, राजकुमार गोयल और रोहित बंसल सहित अनेक सहयोगियों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस्कॉन जींद के अध्यक्ष अमरेंद्र हरिदास ने सभी श्रद्धालुओं, प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक यात्रा तक सीमित नहीं रहा बल्कि सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और विश्व बंधुत्व का संदेश देने वाला ऐतिहासिक पर्व बन गया।
19जेएनडी04: जगन्नाथ यात्रा में उमड़ी शहरवासियों की भीड़। स्रोत: आयोजक