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बजट: दो ओवर ब्रिज और पॉलीटेक्निक कॉलेज की घोषणा

Mon, 06 Mar 2017 11:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
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विधायक प्रेमलता। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 विधानसभा में सोमवार को प्रदेश का बजट पेश किया गया। इसके तहत जींद में विकास की उम्मीद जगी है। हालांकि बजट में की गई घोषणाएं मुख्यमंत्री द्वारा दो साल पहले की गई हैं, लेकिन अब इनका बजट में प्रावधान किया गया है। हालांकि जिला के लोगों को उम्मीद के अनुसार बजट से सौगात नहीं मिली। भाजपा के नेता बजट की की तारीफ कर रहे हैं, लेकिन विपक्षियों को बजट पसंद नहीं आया है।
दरअसल 26 दिसंबर 2014 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल पहली बार जींद आए थे। उस समय मुख्यमंत्री राजकीय महिला कॉलेज में  कार्यक्रम के दौरान जींद के हांसी रोड व भिवानी रोड पर रेलवे क्रॉसिंग पर पुल बनाने की घोषणा की थी।
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उसी समय जींद को तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा बताते हुए पॉलीटेक्निक कॉलेज की भी घोषणा की गई। इस बार बजट में लोगों को उम्मीद थी कि सरकार इन परियोजनाओं के साथ-साथ बाईपास, बस स्टैंड, मेडिकल कॉलेज, औद्योगिक क्षेत्र सहित अन्य परियोजनाओं के लिए भी अलग से बजट का प्रावधान रखेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हालांकि मेडिकल कॉलेज का बजट पहले से ही तय हो चुका था, लेकिन इसे भी सरकार बजट में डाला है। अब दो आरओबी का फिर से प्रावधान किया गया है। हालांकि कुल आठ आरओबी का जिक्र बजट में है, जिस पर 346.99 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार सरकार ने विधानसभा में अगले वित्तवर्ष में पॉलीटेक्निक कॉलेज पर काम शुरू करने की बात कही है। इसके लिए भी कोई अलग से बजट नहीं है।


मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीटें
बजट में वित्तमंत्री ने जींद के मेडिकल कॉलेज में 100 एमबीबीएस की सीटों का प्रावधान करते हुए वर्ष 20017-18 में यहां दाखिले होने की संभावना जताई है। हालांकि इसके लिए कोई बजट का विशेष प्रावधान नहीं है।

शहर के लिए आफत हैं रेलवे क्रॉसिंग
हालांकि कांग्रेस सरकार के समय में पटियाला चौक से हांसी रोड पर रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण किया है, लेकिन शहर के अंदर से भिवानी रोड और हांसी रोड रेलवे क्रॉसिंग लोगों के लिए आफत हैं। यहां दिन में करीब 80 ट्रेन आती हैं, ऐसे में यह रेलवे फाटक अक्सर बंद रहते हैं।

खाली रही झोली
बजट में जींद को कुछ नहीं मिला है। सरकार हर बार मानती है कि पिछली सरकारों के समय जींद के साथ भेदभाव हुआ है। ऐसे में जींद जिला और जींद विधानसभा के लिए खास प्रावधान होने चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। बजट बड़े-बड़े औद्योगिक घरानों को ध्यान में रख कर बनाया गया है। कोई भी नई चीज सरकार ने बजट में नहीं डाली। बजट में महिलाओं के हितों की तो सबसे ज्यादा अनदेखी की गई है। बजट पूरी तरह से किसान विरोधी है। सरकार बार-बार पहले वाली घोषणाओं को ही दोहरा रही है। -डॉ. हरिचंद मिढ़ा, विधायक, जींद

निराशा जनक बजट
बजट हर वर्ग के लिए निराशाजनक है। किसी भी वर्ग के लिए कोई खास घोषणा नहीं है। जींद जिला में दो रेलवे ओवर ब्रिज बनाने की घोषणा हुई है, यह भी साफ नहीं है कि कहां बनेंगे। जुलाना की आईटीआई को अपग्रेड करने की घोषणा है, लेकिन सिंचाई और पेयजल की समस्या को झेल रहे जुलाना क्षेत्र की ओर सरकार का ध्यान नहीं गया है। बजट से रोजगार के साधन आने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वित्तमंत्री ने सिर्फ आंकड़ों की कलाबाजी की है। हर व्यक्ति पर 47 हजार रुपये का कर्ज हो गया है। -परमेंद्र सिंह ढुल, विधायक जुलाना

नरवाना के लोगों को मिली निराशा
प्रदेश सरकार के वित्तमंत्री अभिमन्यु के पेश किए बजट में नरवाना का नाम तक नहीं आया, जबकि नरवाना के लोगों का आशा थी कि विकास के लिए किसी योजना की घोषणा जरूर की जाएगी। इससे लोगों में काफी निराशा है। भाजपा सरकार ने नारा दिया था कि सभी हलकों का विकास समान रूप से किया जाएगा। नरवाना में पिछले दो वर्षों में विकास के नाम पर एक भी ईंट नहीं लगी। -पिरथी सिंह नंबरदार, विधायक नरवाना।

आम आदमी का बजट
बजट में सरकार ने हर वर्ग का ध्यान रखा है। कोई नया कर नहीं लगाया है, जिससे हर वर्ग को राहत मिलेगी। बजट में औद्योगिक विकास पर खासा जोर है, जो रोजगार बढ़ाने में भी काम आएगा। वहीं शिक्षा के क्षेत्र में काफी राशि रखी गई है। गांवों और शहरों के विकास के लिए खास योजना सरकार लेकर आई है। इससे प्रदेश का संतुलित विकास होगा। -जसबीर देशवाल, विधायक सफीदों

बजट अच्छा, होगा विकास
सरकार ने बजट में हर वर्ग को ध्यान में रखकर योजना बनाई है। गांवों के विकास के लिए पहली बार इस प्रकार की योजना आई है। इससे लोगों को लाभ मिलेगा। किसानों के उत्थान के लिए सरकार ने खास योजनाएं बनाई हैं। प्रदेश भर में विकास होगा। -प्रेमलता, विधायक उचाना।
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बजट नहीं सिर्फ आंकड़ों का पुलिंदा
बजट में ऐसा कुछ नहीं है, जिससे आम आदमी को कोई राहत मिले। कर्मचारियों के लिए बहुत ही निराशाजनक बजट है। कर्मचारी लंबे समय से पंजाब के समान वेतन की मांग कर रहे हैं। इसके लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया है। सरकार के तंत्र को कर्मचारी ही चलते हैं, ऐसे में विभागों की स्थिति पर सरकार गंभीर नहीं दिखी। -विनोद शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता कर्मचारी महासंघ हरियाणा


 
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