जिला के लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब नागरिक अस्पताल में भी लोगों को सीटी स्कैन की सुविधा मिल सकेगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की बनाई योजना के तहत बैंगलोर की एक फर्म से अनुबंध तय हो गया है। इसके तहत फर्म को 24 अप्रैल तक अपनी सहमति की औपचारिकता करनी है। इसके बाद जींद के नागरिक अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन लगने का रास्ता साफ हो जाएगा।
भले ही सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को ठीक करने का दम भर रही है, लेकिन जींद के नागरिक अस्पताल को अभी भी आधारभूत सुविधाओं की दरकार है। ऐसे में दो साल पहले मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप नागरिक अस्पताल के अधिकारियों की रिक्वेस्ट ऑफ प्रपोजल (आरएफपी) के अनुरूप काम शुरू हो गया है। सीटी स्कैन के लिए प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने बैंगलोर की उस फर्म का पत्र भेजा है, जिससे जींद में मशीन पीपीपी मोड में लगाने का अनुबंध है। प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के कंपनी को भेजे पत्र में सात दिन में जवाब मांगा है।
विभाग के भेजे गए पत्र के हिसाब से शुक्रवार तक जवाब का इंतजार किया जाएगा। इसके बाद 24 मार्च तक फर्म को जींद के नागरिक अस्पताल के साथ एक लेटर ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एलएओ) पर हस्ताक्षर कर इसे अंतिम रूप देना होगा। इसके साथ ही फर्म को जींद नागरिक अस्पताल को 15 लाख रुपये की सिक्योरिटी राशि भी देनी होगी। सूत्रों के अनुसार जींद के नागरिक अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन लगाने के लिए कई कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। यह परियोजना पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टशिप) के आधार हो रही है।
ऐसे चलेगी व्यवस्था
पीपीपी के आधार पर चलने वाली व्यवस्था के अनुरूप मशीन फर्म लगाएगी, लेकिन चिकित्सक स्वास्थ्य विभाग रखेगा। फिर सीटी स्कैन से जो आमदनी होगी, उसकी राशि में एक हिस्सा कंपनी के लिए तय किया जाएगा। इसके अनुसार मरीजों की श्रेणी के अनुसार ही रेट तय किए जाएंगे।
एक तिहाई रेट होंगे कम
फिलहाल निजी अस्पतालों में सीटी स्कैन की सुविधा है। इसमें अलग-अलग सीटी स्कैन के लिए दो से ढाई हजार रुपये तक लिए जाते हैं। वहीं कंपनी के अनुबंध के आधार पर पीजीआई चंडीगढ़ के रेट से करीब 17 प्रतिशत अधिक प्रीमियम लिया जाएगा। इस हिसाब से नागरिक अस्पताल में करीब 700-800 रुपये में ही सीटी स्कैन की सुविधा मिल पाएगी।
विभाग का पत्र आया है। इसमें संबंधित फर्म को औपचारिकताएं पूरी करने को कहा गया है। यह परियोजना करीब अंतिम चरण में है। हालांकि यह पत्र मैं पूरी तरह पढ़ नहीं पाया हूं, फिर भी सीटी स्कैन मशीन लगने से लोगों काफी राहत मिलेगी। -डॉ. संजय दहिया, सिविल सर्जन, जींद