राशन नहीं मिलने की शिकायत की जांच करने के लिए बुधवार को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम गांव करसोला पहुंची। जहां पर टीम ने लोगों की शिकायत के आधार पर बयान दर्ज किए, लेकिन ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि टीम ने निष्पक्षता से जांच नहीं की। ग्रामीणों का कहना है कि टीम के सदस्यों ने उन्हीं लोगों के बयान दर्ज किए, जिनको राशन मिल रहा है। जबकि जिन लोगों को लंबे समय से राशन नहीं मिल रहा है उनको जांच में शामिल नहीं किया गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभाग के अधिकारी भी इसमें मिलीभगत किए हैं। ग्रामीणों ने कहना था कि उन्हें पिछली माह की चीनी, दाल नहीं मिले। इस कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत पर डीएफएससी ने खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम को गांव करसोला में निरीक्षण करने के आदेश दिए थे। इसी को लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग से फूड इंस्पेक्टर शमशेर पानू और रामफल गांव करसोला पहुंचे। यहां पर कार्ड धारकों से पूछताछ की और समय पर राशन मिलता है या नहीं उससे संबंधित जांच की गई। इस मौके पर लगभग 30-40 कार्ड धारकों के पूछताछ की गई। लेकिन काफी संख्या में ग्रामीणों ने निरीक्षण के लिए पहुंची टीम पर आरोप लगाया है कि टीम ने उन कार्ड धारकों से कोई बात नहीं की, जिनको राशन नहीं मिल रहा है। गांव के धीर सिंह, जोगेंद्र, कालू, मुकेश, अनिल, सुमित, सत्यवान, गीता, भतेरी, सुदेश, मीना, संदीप, सरोज, रामकुमार ने बताया कि उन्हें पिछले दो माह से डिपो से राशन नहीं मिल रहा है।
राशन के लिए बार बार डिपो होल्डर के चक्कर काटने पड़ रहा है उसके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। इसलिए ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें राशन दिलाया जाए और जींद के खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी मामले की जांच करें।
क्या कहते हैं डिपो होल्डर
ऐसी कोई बात नहीं है केवल पार्टी बाजी के चक्कर में इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। समय पर ग्रामीणों को राशन दिया जा रहा है। इस मामले में खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम भी निरीक्षण करने आई थी और उसमें राशन नहीं वितरित करने की कोई बात सामने नहीं आई है। -विकास, डिपो होल्डर गांव करसोला।
क्या कहते हैं खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी
गांव करसोला में राशन वितरण की कार्यवाही को देखने के लिए गए थे। यहां पर ग्रामीणों से भी बात की गई है। लगभग 30-40 लोगों के पूछताछ भी की गई है। केवल एक-दो ग्रामीणों ने ही राशन न मिलने की बात कही है। -शमशेर पानू, इंस्पेक्टर खाद्य आपूर्ति विभाग जुलाना।