स्कूल अपग्रेड करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठी करसोला गांव की छात्राओं के आगे दूसरे मंगलवार को सरकार झुक गई। एसडीएम अश्वनी मलिक मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे करसोला गांव पहुंचे। उन्होंने छात्राओं को 15 दिन में स्कूल अपग्रेड करने का लिखित में आश्वासन दिया। इसके बाद छात्राओं ने अनशन समाप्त कर धरना उठा लिया। इससे पहले मंगलवार दोपहर को अनशन कर रही आठ छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई। छात्राएं उलटी लगने लगी और रक्तचाप कम हो गया। इसी बीच कुछ छात्राएं बेहोश भी हो गई। हालत बिगड़ने पर छात्राओं को जुलाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल करवाया गया। जहां पर दो लड़कियों की हालत गंभीर है। छात्राओं के बेहोश होने पर दूसरी छात्राओं ने धरने पर मोर्चा संभाला और धरने पर स्कूल को अपग्रेड करवाने की मांग को लेकर अड़ी रहीं।
खंड शिक्षा अधिकारी आदर्श राजन ने सीएम के दरबार में मामला पहुंचने के बात बोलने पर भी छात्राएं और ग्रामीण नहीं माने। इस पर खंड शिक्षा अधिकारी को लौटना पड़ा।
गौरतलब है कि सोमवार को करसोला के ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने राजकीय उच्च विद्यालय करसोला पर ताला जड़ दिया था। ताला जड़ने के बाद छात्राएं स्कूल के बाहर टेंट लगाकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गईं थी। ग्रामीणों एवं छात्राओं ने कहा कि शिक्षा विभाग स्कूल की फाइल को नहीं लटकाता तो लड़कियों को भूख हड़ताल करने की नौबत ही नहीं आती। स्कूल को अपग्रेड करने की घोषणा सीएम ने ही की हैं। स्कूल अपग्रेडेशन के सभी मापदंड पूरे करता है। इसके बावजूद स्कूल को अपग्रेड नहीं किया जा रहा है।
इन लड़कियों की बिगड़ी तबीयत
सोमवार को पूरे दिन और रात को भी छात्रा भूख हड़ताल पर टेंट में ही बैठी रही। मंगलवार को प्रियंका, पिंकी, अंजली, मन्नू, सोनिया, रिंपी, प्रियंका और सकीना की हालत बिगड़ गई। हालत बिगड़ने पर महिला डॉक्टर को चेकअप के लिए बुलाया गाया। चेकअप में छात्राओं का बीपी कम पाया गया। आठ छात्राओं को जुलाना में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल करवाया गया। इनमें से प्रियंका और रिंपी की हालत नाजुक है।
तो फिर करेंगे आंदोलन
स्कूल अपग्रेडेशन के लिए एसडीएम से 15 दिन का आश्वासन मिला है। लोगों का प्रशासन और सरकार पर भरोसा है। तय समय में यदि स्कूल अपग्रेड नहीं होता तो फिर से आंदोलन किया जाएगा। -राजपाल, सरपंच गांव करसोला।
शिक्षा विभाग के सचिव का ब्यान गैर जिम्मेदाराना और निंदनीय : ग्रामीण
धरने पर बैठे ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा विभाग के सचिव ने ब्यान देकर स्कूल को अपग्रेड करवाने के लिए भूख हड़ताल पर बैठी लड़कियों के साथ एक भद्दा मजाक किया है। ग्रामीणों की मांग है कि शिक्षा विभाग के सचिव पीके दास लिखित में माफी मांगे और स्कूलों को अपग्रेड करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर ध्यान दे।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के दावे फेल
करसोला गांव में धरने पर बैठी लड़कियों का समर्थन करने पहुंचे पूर्व जनस्वास्थ्य मंत्री सत्यनारायण लाठर ने कहा कि सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के दावे फेल साबित हो रहे हैं। बेटियों को शिक्षा के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। सरकार को बेटियों की मांग को मानते हुए स्कूल को अपग्रेड कर देना चाहिए। -सत्यनारायण लाठर पूर्व जनस्वास्थ्य मंत्री।
आज लड़कियों को जीने और पढ़ने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। सरकार केवल बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे देकर लोगों को बरगलाने का काम कर रही है। एक ओर तो शिक्षा पर जोर देने की बात हो रही है वही दूसरी ओर स्कूलों को अपग्रेड नहीं किया रहा है। -पूजा, जिला अध्यक्ष एसएफआई जींद।
नियम पूरे करता है स्कूल, मुख्यमंत्री की है घोषणा, जारी है प्रक्रिया
स्कूल 12वीं तक होने के लिए नौवीं और दसवीं कक्षा में कम से कम 150 बच्चे होने चाहिए। स्कूल में इससे अधिक बच्चे हैं। स्कूल में भवन और मैदान पर्याप्त है। अब एसडीएम ने 15 दिन में स्कूल अपग्रेड होने का लिखित आश्वासन दिया है। इस अवधि में काम पूरा हो जाएगा। -वंदना गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी।