वर्षों से पानी का संकट झेल रहा किलाजफरगढ़ गर्मी आने के साथ ही एक बार फिर परेशानी में है। इस बार लोगों को अपने लिए नहीं, पशुओं के लिए पेयजल की किल्लत से दो-चार होना पड़ रहा है। गांव में तालाब सूखे होने के कारण पशु पालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह मामला अब सरपंच और सिंचाई विभाग के बीच उलझ गया है। सिंचाई विभाग का कहना है कि पंचायत यदि पानी की मांग करती है तो पानी तुरंत डलवा दिया जाएगा। वहीं सरपंच अभी तालाब की खुदाई की बात कर रहे हैं।
गांव किलाजफरगढ़ के लाइनपार भिखारी वाला तालाब पिछले लगभग आठ माह से सूखा पड़ा है। वहीं अन्य तालाबों में पानी पशुओं के पीने लायक ही नहीं है। तालाब के सूखने के कारण उनको पशुओं को पानी पिलाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उन्हें पशुपालकों को पानी पिलाने के लिए दूर-दूर से पानी लाकर पिलाना पड़ रहा है। इस कारण कई बार उनके पशु प्यासे रह जाते हैं। ग्रामीणों की समस्या की तरफ प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले जब यह तालाब पानी से भरा था। तब गांव के लोग कपड़े धोने के लिए भी इस तालाब का प्रयोग करते थे।
करवाई जाएगी तालाब की खुदाई
गांव का भिखारी वाला तालाब खुदाई के लिए सुखाया जा रहा है। तालाब के सूखते ही यहां पर खुदाई का कार्य करवाया जाएगा। जैसे ही खुदाई का कार्य पूरा हो जाएगा। उसके बाद तालाब को वापस पानी से भर दिया जाएगा। - कुलदीप, सरपंच गांव किलाजफरगढ़।
पंचायत दे पत्र, डाला जाएगा पानी
सिंचाई विभाग की तरफ से किसी प्रकार की कोई समस्या लंबित नहीं है। अगर गांव पंचायत के साथ सरपंच द्वारा किसी प्रकार का पत्र उपमंडल अधिकारी के माध्यम से उन्हें मिलता है तो तालाब को उसी समय तालाब की नजदीक पानी की सप्लाई से तालाब को भर दिया जाएगा। लेकिन अब तक ऐसी कोई शिकायत या समस्या मेरे पास नहीं आई है। -बीडी जागलान, कार्यकारी अभियंता सिंचाई विभाग जींद।