शराब ठेका गांव से बाहर करने की मांग को लेकर शुक्रवार को गांव पौली व लजवाना खुर्द में ग्रामीणों ने ताला जड़ दिया। ग्रामीणों ने कहा कि वह किसी भी कीमत पर गांव में शराब ठेका नहीं रहने देंगे।
नया वित्तीय वर्ष के पहले दिन पौली एवं लजवाना खुर्द में नशे के खिलाफ ग्रामीणों ने अलख जगानी शुरू कर दी है।
युवा वर्ग शराब जैसे नशे से दूर रहे इसके लिए पौली एवं लजवाना खुर्द गांव में महिलाओं सहित दर्जनों लोग गांव में स्थित शराब ठेके पर जमा हुए। यहां पर ग्रामीणों ने नशा भगाओ और देश बचाओ के नारे लगाएं। इसके बाद गांव पौली व लजवाना खुर्द में ग्रामीणों और महिलाओं ने शराब के ठेके को ताला जड़ दिया। ग्रामीणों का कहना है कि शराब का ठेका गांव में मेन रास्ते में होने के कारण शराबी महिलाओं के साथ छेडख़ानी और छींटाकशी करते है।
महिलाओं ने कहा कि गांव में शराब नही बिकने दी जाएगी। शराब का ठेका गांव में नही रहना चाहिए। जब महिलाएं पेयजल लेने के लिए आती-जाती है तो शराबी महिलाओं पर फब्तियां कसते हैं।
गांव पौली के सरपंच सुंदर ने कहा कि शराब ठेके गांव के मेन बस अड्डे पर और गांव में स्थित है। इसी रास्ते से छात्र स्कूल में पढ़ाई करने के लिए व महिलाएं खेतों में जाती हैं। ठेके पर शराबियों का ताता लगा रहता है। जब महिलाएं खेतों में या पेयजल लेने के लिए जाती हैं तो शराबी महिलाओं पर अश्लील फब्तियां कसते हैं। गांव में शराब का ठेका होने के कारण गांव के युवा नशे के आदि हो रहे है। शराबी घर आकर भी महिलाओं के साथ मारपीट करते है। ग्राम पंचायत और ग्रामीण महिलाओं की मांग है कि गांव में शराब नही बिकनी चाहिए।