केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि प्रजातंत्र निर्वाचन प्रणाली में सुधार की जरूरत है। जिला परिषद, पंचायत समिति व नगरपालिकाओं में सदस्यों के माध्यम से अपने अध्यक्ष का चुनाव करना बंद कर दिया जाना चाहिए। इस प्रक्रिया में पैसे का सौदा चलता है, जोकि स्वच्छ प्रजातंत्र के लिए सही नहीं है।
जनता को ही सीधे चेयरपर्सन चुनने देना चाहिए। केंद्रीय मंत्री शुक्रवार शाम को जिला परिषद की चेयरपर्सन पद्मा सिंगला के नागरिक अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा नेता विनोद सिंगला ने की। चेयरमैन का चुनाव विधायक व सांसद की तर्ज पर सीधे तौर पर किए जाने की वकालत करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वे मेंबर अध्यक्ष का चुनाव करने में अपने वोट का सौदा करते हैं जिनको जनता ने अपना प्रतिनिधि चुना है।
उन्होंने कहा कि जींद जिले में जनप्रतिनिधियों के चुनाव में युवाओं खासकर महिलाओं को भागीदारी मिली है। इससे बड़े स्तर पर महिला सशक्तिकरण हुआ। जींद जिले में चुनी गई सभी ब्लाक समिति के चेयरपर्सन महिलाएं हैं। इस अवसर पर विधायक जसबीर देशवाल, अमरपाल राणा सहित भाजपा के कई नेता मौजूद थे।
जिले की अनदेखी करने में वह खुद भी शामिल : बीरेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा गठन के बाद से ही जिले के साथ भेदभाव हुआ है। जिले के साथ खिलवाड़ करने के दोषी राजनीतिक लोग हैं और उन राजनीतिक दोषियों में से एक मैं भी खुद हूं। उसका प्रमुख कारण नेताओं की राजनीतिक फूट रही है। इसके साथ-साथ इस जिले के वोटर ने भी कभी कोई निर्णायक भूमिका नहीं निभाई है। स्थानीय राजनीतिक लोगों की अनदेखी के चलते जिला लगातार पिछड़ता गया है।
देश की अढ़ाई लाख पंचायतों को दो लाख 292 करोड़ रुपये की राशि सीधे खाते में दी जाएगी, ताकि पंचायत विकास कार्यालय में चल रहे भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म किया जा सके। बस अब पंचायतों को ईमानदारी से गांवों का विकास कराना होगा। देेश के इतिहास में यह पहला मौका होगा कि ग्राम पंचायतों के खातों में इतनी बड़ी राशि सीधी तौर पर डाली जाएगी। उन्होंने कहा कि विकास के मामले में हरेक गांव में प्रत्येक व्यक्ति के हिस्से में 465 रुपये आएंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश के प्रधान मंत्री इस कार्यक्रम के तहत 250 ग्राम पंचायतों के खातों में राशि डालकर इस कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे।
राजनीति में बाबा बनने नहीं आया हूं : बीरेंद्र सिंह
सफीदों (जींद)। केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि वह कोई साधु-संत नहीं हैं और राजनीति में बाबा बनने नहीं आए हैं। उनकी भी महत्वाकांक्षा है। यहां अनौपचारिक बातचीत में उन्होंने इशारों में ही सही मुख्यमंत्री बनने की अपनी इच्छा का इजहार कर दिया। बीरेंद्र सिंह ने कहा कि पत्रकार अकसर उनसे मुख्यमंत्री बनने के बाबत सवाल पूछते हैं। इसका जवाब ये है कि वह बाबा बनने के लिए राजनीति नहीं कर रहे हैं।