घोघड़िया गंाव में रविवार को नागदेव मंदिर परिसर में सर्व बूरा खाप हरियाणा का चौथा स्थापना दिवस मनाया गया। खाप के प्रधान रणबीर बूरा किरमच ने इसकी अध्यक्षता की। बूरा खाप की महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष को चुनने को लेकर भी 12 जिलों से पहुंचे 76 गांवों से बूरा खाप के लोगों ने हिस्सा लिया। सर्वसम्मति से डॉ. पूनम बूरा को राष्ट्रीय महिला विंग बूरा खाप का प्रधान मनोनीत किया गया। पहली बार खाप के मंच पर किसी महिला ने मंच को सांझा किया। खाप के स्थापना दिवस में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के साथ-साथ सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए फैसले भी लिए गए।
सम्मेलन का मुख्य विषय शिक्षा संस्थान का निर्माण खाप के किसी एक गांव में करवाना रहा। घोघड़िया गांव द्वारा शिक्षण संस्थान के लिए जमीन मुहैय्या करवाने की बात सरपंच प्रतिनिधि रणबीर बूरा ने कही। इसमें डीजे बंद करने, मृत्यु भोज बंद करने, अर्थी पर कफन के सिवाय कीमती वस्त्र न डालना, मृत्यु शोक 13 दिन से घटाकर सात दिन करना, दाह संस्कार पर रिश्तेदारों को न बुलाना, पगड़ी पर केवल 10 रुपये लेने पर चर्चा हुई। इसके अलावा गांवों को प्लास्टिक मुक्त करके गांव में एक रेहड़ी चलाकर घर-घर से प्लास्टिक एकत्रित करके गांव में एक जगह डालने, कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाना के लिए लोगों को जागरूक करने, विवाह में खर्च कम करने, गरीब बच्चों को आर्थिक सहायता, गरीब कन्याओं की शादी में आर्थिक सहायता करने, पौध रोपण करने, दहेज रहित शादी करने सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इन पर लोगों अपनी सहमति जताई।
कौन हैं डॉ. पूनम बूरा
डॉ. पूनम महेंद्र बूरा को न सिर्फ बूरा खाप, खाप के इतिहास में राष्ट्रीय स्तर पर महिला को अध्यक्ष चुना गया है। डॉ. पूनम महेंद्र बूरा का जन्म दिल्ली के होलंबी खुर्द गांव में हुुआ। उनकी शादी रोहतक में टेक्सटाइल इंजीनियर डॉ. महेंद्र बूरा के साथ हुई। वह एमए हिंदी, एमए अंग्रेजी व बीएड के साथ-साथ हिंदी में पीएचडी भी हैं। फिलहाल रोहतक के महारानी किशोरी कन्या कॉलेज में बतौर एसोसिएट प्रोफेसर कार्यरत हैं। डॉ. पूनम महेंद्र बूरा के अनुसार समाज ने उन्हेें जो जिम्मेदारी और मान दिया है, वे इस पर खरा उतरेंगी। हमेशा समाज में भाईचारा बनाने के लिए काम करेंगी।
एक महीने में एक गांव को चुन कर करवाते है फैसले को पूर्ण लागू
खाप के प्रवक्ता मास्टर बलवान बूरा ने कहा एक महीने में एक गांव को चुना जाएगा। इस गांव में जाकर गठित टीम छत्तीस बिरादरी के लोगों को एकत्रित करके अभियान के साथ जोड़ कर सामाजिक बुराइयों को दूर करने का काम करेंगी। खाप के प्रधान रणबीर बूरा किरमच ने कहा कि अभिभावकों को चाहिए कि वो अपने बच्चों के अंदर अच्छे संस्कार पैदा करें ताकि सामाजिक बुराईयां उन पन हावी न हों। सरपंच सत्यनारायण ने कहा कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को सरकार को तुरंत लागू करना चाहिए ताकि जो खेत आज घाटे का सौदा बन रहे हैं वह किसानों के लिए फायदे का सौदा बन सकें। इस रिपोर्ट को लागू करवाने के लिए किसान आंदोलन होगा तो बूरा खाप इसका सहयोग करेंगी।
जो रिश्ते-नाते हैं वे बेटी की वजह से : डॉ. पूनम
डॉ. पूनम बूरा ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ को हमें समझना होगा। आज जो रिश्ते-नाते है वो बेटी की वजह से है। बेटी नहीं होगी, तो समाज में रिश्ते-नाते खत्म हो जाएंगे। सम्मेलन में महिलाएं नहीं पहुंची है। दोबारा जब भी सम्मेलन हो उसमें महिलाओं की भागीदारी होनी चाहिए। बेटी किसी मामले में बेटों से कम नहीं है तो क्यों भेदभाव हो। इस मौके पर खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर शर्मा कहसून को कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर भलेराम बूरा, राय सिंह आर्य, दिलबाग आर्य, बीरेंद्र घोघड़िया, रामकुमार बूरा, नरेंद्र एडवोकेट, प्रताप नंबरदार, महाबीर बूरा, जितेंद्र बूरा, बलवंत घिराय, विरेंद्र बूरा सारण, पिरथी गुराना, जयापाल घिराया, रामपाल राजली मौजूद रहे।
बूरा खाप ने इन्हें किया सम्मानित
समारोह में विशिष्ट व्यक्ति के तौर पर जोगेंद्र बूरा खोखरी, जितेंद्र बूरा हाट, डॉ. पूनम बूरा बुढाखेड़ा, रणधीर बूरा घिराया, बलवंत सिंह घिराय, धर्मपाल घोाड़िया, श्रीलकां में शहीद हुए दलबीर बूरा के परिवार के सदस्यों को सम्मानित किया गया। दहेज रहित शादी करने पर राजबीर बूरा किरमच (कुरुक्षेत्र), सुनील बूरा सारण (कैथल), कुलदीप बूरा घोघड़िया (जींद), दो लड़कियों के बाद नसबंदी करवाने पर सारण (कैथल) के दलबीर बूरा, शिशपाल बूरा, रतन सिंह बूरा, प्रेम सिंह बूरा, राजबीर बूरा घोघड़िया, महेंद्र बूरा खानपुर को सम्मानित किया गया। विभिन्न खेलों में पदक जीतने वाले 12 महिला, पुरुष खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।