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Jind News: स्वच्छता सर्वेक्षण में जींद की बीते वर्षों की तुलना में अच्छी उछाल

Fri, 18 Jul 2025 02:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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17जेएनडी14 : पुराने बस अड्डे के पास लगा कूड़े का ढेर, जिसके समय पर उठान के कारण बिगड़ी रैंकिंग।
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जींद। नगर परिषद की मेहनत के चलते स्वच्छता सर्वेक्षण में जिले ने इस बार पिछले साल की तुलना में अच्छी छलांग लगाई है। इस बार जिले को देश में 534 तो प्रदेश में 63वां रैंक मिला है। जिले को स्वच्छता में मिली रैंकिंग पिछले वर्षों की तुलना में बेहद अच्छी है। अब नप का प्रयास रहेगा कि इस रैंकिंग को प्रदेश में प्रथम स्थान पर लाया जा सके।
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नगर परिषद ने शहर में स्वच्छता रैंकिंग को सुधारने के लिए पूरा जोर लगाया हुआ था। इसके लिए हर साल नप शहर में कूड़े की सफाई के टेंडर का बजट भी बढ़ा रही है। इसके चलते इस बार नगर परिषद को कुछ हद तक कामयाबी भी रैंकिंग को लेकर प्राप्त हुई है।
शहर के रिहायशी क्षेत्र और मार्केट में साफ सफाई को लेकर 100 प्रतिशत की रैंकिंग मिली है। इसके अलावा जल समिति प्रबंधन में 50 वीं रैंकिंग, सार्वजनिक शौचालयों में साफ-सफाई को लेकर 83 वीं, अपशिष्ट उत्पादन प्रसंस्करण में 79 वीं, डपिंग साइट के सुधार में 41वां, कूड़ा छंटनी में 38 वां स्थान मिला है।
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अगर प्रशासन डंपिंग साइट के सुधार, कूड़ा छंटनी और जल प्रबंधन समिति की ओर ध्यान देता तो जिले की रैंकिंग को ज्यादा बेहतर बनाया जा सकता था। शहर की रैंकिंग में पिछले वर्षों की तुलना से हुए सुधार से शहरवासियों में भी खुशी है। स्वच्छता रैंकिंग में पिछले सात साल से शहर लगातार कमजोर चल रहा था। इस बार शहर को बेहतर रैंकिंग मिलने से नप के अधिकारी और कर्मचारी भी खुश हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर अंक दिलाने के लिए नप लगातार प्रयासरत थी। इसके लिए लगभग एक करोड़ रुपये मासिक खर्च शहर की सफाई के लिए खर्च किए जा रहे थे।
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सफाई के टेंडर में बढ़ोतरी होने पर हुआ सुधार
शहर में सफाई का खर्च पिछले 3 साल की बात करें तो तीन गुना बढ़ा है। इसके चलते अब स्वच्छता रैंकिंग में भी सुधार हुआ है। वर्ष 2016-17 में शहर की सफाई का ठेका 7.45 लाख रुपये प्रतिमाह के हिसाब से दिया गया था। इसके बाद से लगातार इसमें बढ़ोतरी हो रही है। वर्ष 2018-19 में शहर की सफाई का ठेका 24.48 लाख रुपये प्रतिमाह के हिसाब से दिया गया। इसके अतिरिक्त अब शहर की सफाई का टेंडर मासिक एक करोड़ रुपये से ज्यादा का हो चुका है।
बाक्स
यह रही शहर की स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंकिंग
2017 -265


2018 -272



2019 -223



2020 -168



2021-195



2022-223



2023-312

2024 - 63

वर्जन बीते वर्षों की तुलना में शहर की रैंकिंग में बेहद ज्यादा सुधार हुआ है। इसको अगले वर्ष तक ज्यादा बेहतर बनाया जाएगा। जींद को इंदौर की तर्ज पर रैंकिंग दिलवाने का प्रयास किया जाएगा। इस बार रैंकिंग जिन क्षेत्रों में पिछड़ी है। अगली बार उनकी तरफ विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि जिले को प्रथम रैंकिंग पर लाया जा सके।
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सुनील कुमार सीएसआई जींद।
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