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जींद में पर्यटन की संभावना तलाशेगा कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड

Tue, 27 Sep 2016 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, जींद
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रामराये गांव स्थित प्राचीन मंदिर। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बेशक जींद अपने पिछड़ेपन पर आंसू बहा रहा हो, लेकिन कुरुक्षेत्र की 48 कोस की परिधि में जींद यहां पौराणिक विरासत बिखरी पड़ी है। अब कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड जींद जिला के धार्मिक स्थलों में पर्यटन की संभावनाएं तलाशेगा। इस पर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य डॉ. ओमप्रकाश पहल ने सोमवार से काम भी शुरू कर दिया है। जिले में महाभारत कालीन के 18 तीर्थ स्थल हैं, लेकिन यह अपनी उपेक्षा पर आंसू बहा रहे हैं। हालांकि ये सभी धार्मिक स्थल कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के अधीन आते हैं, लेकिन अब तक इनकी ओर पिंडारा के पिंडतारक तीर्थ को छोड़कर किसी पर भी ध्यान नहीं दिया गया है। अब कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड जिला के सभी धार्मिक स्थलों को विकसित करने की योजना बना रहा है। इसके तहत फिलहाल इन धार्मिक स्थलों की वर्तमान स्थिति का पता लगाया जा रहा है।
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जींद जिला के धार्मिक स्थल
तीर्थ स्थल                जगह
कुश तीर्थ            कुचराना कलां
लोकद्वार तीर्थ        लोधर
काया सोधन तीर्थ    कसुहन
वंश मूलक तीर्थ      बरसोला
भूतेश्वर तीर्थ         जींद (रानी तालाब)
एकहंस तीर्थ         ईक्कश
सन्निहित तीर्थ        रामराये
पुष्कर तीर्थ           पोकरीखेड़ी
सोम तीर्थ            पिंडारा
वराह तीर्थ           बराह खुर्द
अश्वनी कुमार तीर्थ   आसन
ययाति तीर्थ          कालवा
हटकेश्वर तीर्थ        हाट
जमदगनी तीर्थ       जामनी
 सर्पदमन तीर्थ       सफीदों
मंयकुक तीर्थ        सींक
नोट: मंयकुक तीर्थ पानीपत जिला में आता है, लेकिन बोर्ड ने इसका विकास जींद के धार्मिक स्थलों के साथ जोड़कर करवाने का फैसला लिया है।

विकसित हुआ रानी तालाब
जींद का सिटी सिंबल बन चुका रानी तालाब भी करीब छह साल की विरानी के बाद कुछ समय पहले ही विकसित हुआ है। अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की तर्ज पर बने रानी तालाब में पानी भरने से यह शहर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है, लेकिन महज एक पर्यटन स्थल होने से लोग यहां नहीं आ पाते।

पर्यटन के क्षेत्र में अहम स्थान दिलाएंगे
पर्यटन की दृष्टि से लोग सिर्फ कुरुक्षेत्र में ही आते हैं, लेकिन जींद में कुरुक्षेत्र के मुकाबले कहीं अधिक प्राचीन धरोहर है। जरूरत है, इसको संजोने की। इसके लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने काम शुरू कर दिया है। मैंने सोमवार को रामराये तीर्थ की यात्रा कर यहां की स्थिति देखी है। इसी प्रकार जिला भर के तीर्थ स्थलों की यात्रा की जाएगी। जहां भी जिस प्रकार की जरूरत होगी, उसे विकसित कर जींद को पर्यटन के क्षेत्र में अहम स्थान दिलवाया जाएगा।
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डॉ. ओपी पहल, सदस्य कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड
 
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