अब किसान के पास अपनी धान की फसल बेचने के लिए मैनुअल और ऑनलाइन दोनों ऑप्शन होंगे। फसल को ऑनलाइन बेचने के इच्छुक किसानों का मार्केट कमेटी प्रशासन द्वारा मौके पर ही रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। प्रदेश में पहली बार खरीद के लिए शुरू की जा रही ई-व्यवस्था का शुभारंभ 27 सितंबर को केंद्रीय मंत्री रामबिलास पासवान करनाल में करेंगे। इस मौके पर मोबाइल ऐप भी लांच होगा, जिसके माध्यम से किसान, आढ़ती व व्यापारी ई-व्यवस्था से जुड़ी जानकारी ले सकेंगे। इसी ऐप में जे फार्म भी उपलब्ध होगा। शुरुआती दौर में गेट पास भी ऑनलाइन काटने की योजना थी, लेकिन आढ़तियों के विरोध के बाद अब गेट पासिंग मेनुअल तरीके से ही होगी। जिले की चार जींद, जुलाना, सफीदों और नरवाना अनाज मंडियों समेत प्रदेश की 31 अनाज मंडियां ऑनलाइन हो चुकी हैं।
1509 धान की आवक शुरू
अनाज मंडियों में धान की आवक शुरू हो चुकी है। अभी 1509 धान की कुछ ढेरियां अनाज मंडी में पहुंची हैं। पिछले साल 1509 धान 1450 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम मूल्य पर सरकार द्वारा खरीद की गई थी। इस बार 1509 धान के भाव न्यूनतम मूल्य से कहीं ज्यादा मिल रहे हैं, जिसके चलते सरकार द्वारा इस धान की खरीद नहीं की जा रही है। केवल पीआर धान को ही सरकार खरीदेगी। 1509 धान 1800 से 1900 के भाव बिक रही है।
आढ़तियों का हित सुरक्षित हो
किसान अपनी इच्छानुसार फसल को ऑनलाइन या मैनुअल तरीके से बेच सकता है। अगर किसान की फसल अच्छे दामों पर बिकेगी, तो इससे आढ़ती को भी फायदा होगा। सरकार ऐसी व्यवस्था बनाए, जिससे किसानों के साथ आढ़तियों के भी हित सुरक्षित हों।
मनीष उर्फ बब्लू गोयल, जिला प्रधान, हरियाणा व्यापार मंडल
मौके पर ही किया जाएगा रजिस्ट्रेशन
किसान के अपनी फसल बेचने के लिए दोनों ऑप्शन हैं। ऑनलाइन फसल बेचने के इच्छुक किसान का मौके पर ही रजिस्ट्रेशन कर दिया जाएगा। इसके लिए किसान को आधार कार्ड और अपर बैंक खाते की कॉपी देनी होगी। जो आढ़ती कंप्यूटर से कार्य करने की स्थिति में नहीं है, उनका कार्य रजिस्टर लेकर मार्केट कमेटी करेगी।
ओमप्रकाश, मार्केट कमेटी सचिव, नई अनाज मंडी, जींद।