गांव कैरखेड़ी में फैली संदिग्ध बीमारी के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। दो परिवारों के आठ सदस्यों के बीमार होने व एक महिला की मौत की सूचना मिलने पर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची। टीम के सदस्यों ने संदिग्ध बीमारी से ग्रस्त लोगों के परिवार के सदस्यों के खून के नमूने लिए और उसके बाद पंचायत की सहायता से पूरे गांव में पेयजल सप्लाई की लाइन का सर्वे किया। इसमें पाइप लाइन पांच जगह पर लीकेज पाई गई, उसकी टीम ने रिपोर्ट तैयार की। विभाग द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट को जनस्वास्थ्य विभाग को भेजकर जल्द से जल्द ठीक करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डोर-टू-डोर अभियान चलाकर पानी की टंकियों और कूलरों के पानी की जांच की। जहां पर एक घर के अंदर रखे पानी में डेंगू का लारवा मिला। लारवा मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मकान मालिक महेंद्र को नोटिस जारी किया। ज्ञात रहे कि रविवार रात को गांव के टेकराम व राजेंद्र का परिवार के लगभग नौ सदस्य इस बीमार की चपेट में आ गए। इसमें एक परिवार के टेकराम, उसके बेटे शमशेर, पौत्र कमल व दूसरे परिवार के राजेंद्र, उसके बेटे अजय, अंजली व परिवार के दो महिलाएं को संदिग्ध बीमार की चपेट में आ गए थे।
दोनों ही परिवार के लोगों को अचानक ही उल्टी, दस्त व सिर में चक्कर आने की समस्या हुई। उनको नजदीक के निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया। इस दौरान ओमप्रकाश की पत्नी चंदो की मौत हो गई। इसके बाद गांव के सरपंच राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में ग्रामीण सिविल सर्जन डा. संजय दहिया से मिले थे और जांच करवाने की मांग की थी। गांव में अचानक फैली बीमारी के चलते स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम एमपीएचडब्ल्यू बिजेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम गांव में पहुंची। जहां पर लगभग तीन घंटे तक गांव में ग्रामीणों के खून के सैंपल लिए और जांच के लिए भेजे।
26 लोगों के खून के नमूने लिए
संदिग्ध बीमारी फैलने के बाद गांव में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम अचानक बीमार परिवार के घर पर पहुंची। जहां पर पूरे परिवार के सदस्यों के खून के नमूने लिए। इसके बाद गांव में जिन लोगों में बीमारी के लक्षण दिखाई दे रहे थे उनके घर-घर जाकर 26 लोगों के खून के नमूने लिए। सरपंच राजेंद्र सिंह ने बताया कि उनके गांव में संदिग्ध बीमारी से ग्रस्त लोगों का फिलहाल निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनके स्वास्थ्य में सुधार है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंचकर खून के नमूने लिए है। पंचायत ने अपने स्तर पर भी ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।
पांच जगह पर पेयजल लाइन मिली लीकेज
संदिग्ध बीमारी से ग्रस्त लोगों को उल्टी, दस्त होने का कारण स्वास्थ्य विभाग पेयजल को मान रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सरपंच राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में पूरे गांव की पेयजल सप्लाई की लाइन की जांच की। जांच के दौरान अजमेर, रामफल, मुनिया, पप्पू, कर्णा के मकान के आगे पेयजल सप्लाई की लाइन लीकेज मिली। जहां से पेयजल के अंदर गंदा पानी मिल रहा था। विभाग की टीम ने रिपोर्ट तैयार करके जनस्वास्थ्य विभाग को नोटिस भेजकर लाइन को ठीक करने के लिए कहा है।
सरकार करे मदद
मेरे परिवार में कुल नौ सदस्यों में से छह सदस्य बीमार चल रहे हैं और मेरी पत्नी चंदो की बीमारी के चलते मौत हो गई। अब भी मेरे परिवार के छह सदस्य उल्टी दस्त जैसी बीमारी से पीड़ित है। हमें प्रशासन और सरकार से सहायता चाहिए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूरे परिवार के सैंपल लिए है। -ओमप्रकाश, ग्रामीण।
ग्रामीणों के खून के नमूने लिए है। नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद ही उसका पता चल पाएगा। इसके अलावा एक घर के अंदर डेंगू का लारवा मिला है। रिपोर्ट के विभाग के उच्च अधिकारियों को दी जाएगी। - बिजेंद्र, मपीएचडब्ल्यू, कंडेला सीएचसी