इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर गांव काकड़ौद के चार युवा गांव की गरीब छात्राओं में शिक्षा की लौ जगाकर उनको आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। ये युवा इन छात्राओं की पढ़ाई पर खर्च होने वाला पैसा भी अपनी जेब से खर्च कर रहे हैं। हर रोज इंवनिंग क्लास लगाई जाती है, ताकि जो भी बच्चे कम पढ़े हैं या जिनके माता-पिता ज्यादा खर्च नहीं उठा पाते हैं। ऐसे बच्चों को शिक्षित किया जा सके। इतना नहीं कि जो भी इन बच्चों को पढ़ाया जाता है उसकी परीक्षा भी ली जाती है ताकि उनकी बुद्धि स्तर को जांचा जा सके।
इसके लिए ये अपने खर्चे पर प्रश्न पत्र तैयार करवाते हैं। जो बच्चे इन परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करते हैं, उनको पुरस्कार देकर उनका हौसला भी बढ़ाया जाता है। गांव के युवा संदीप तोमर मेरा गांव सबसे प्यारा अभियान के साथ जुड़कर अपने दोस्त नरेश शर्मा, योगेश शर्मा और विकास चहल के साथ मिलकर इस मुहिम को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। गांव के युवा संदीप तोमर के सभी दोस्तों ने बीटेक से इंजीनियरिंग की हुई है। उन्होंने बताया कि विकास चहल गांव नराड कैथल के रहने वाले हैं। संदीप तोमर ने कहा कि गांव के सरकारी स्कूल में बच्चों को जब देखते थे तो दिल में बड़ा दर्द होता था कि आखिर गांव के बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों से कम नहीं है।
इसी को लेकर उन्होंने हर रोज इंवनिंग क्लास शुरू की। शुरू-शुरू में गांव के बच्चों का रुझान नहीं था और बच्चों के अभिभावक भी मना करते थे। धीरे-धीरे कारवां बनता गया और बच्चों की संख्या बढ़ती गई। उन्होंने बताया कि रविवार को उन्होंने अध्यापक दिवस पर बच्चों की परीक्षा ली गई, जिसमें 150 बच्चों ने आवेदन किया था। इसमें 131 बच्चों ने परीक्षा दी। इस परीक्षा में 60 प्रतिशत छात्राएं थी जिन्होंने ये परीक्षा दी। संदीप तोमर ने बताया कि यह परीक्षा सरकारी स्कूल में आयोजित करवाई जाती है। जो भी खर्च आता है चारों दोस्त आपस में बांट लेते हैं।
बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं : तोमर
गांव काकडोद में मेरा गांव सबसे प्यारा अभियान के इंचार्ज संदीप तोमर ने बताया कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं बस जरूरत है उन पर ध्यान देने की। उन्होंने कहा कि परीक्षा में उनको भारत की संस्कृति, भौगोलिक जानकारी, सामान्य ज्ञान के साथ विज्ञान और गणित विषय से संबंधित सवाल दिए जाते हैं, ताकि ये बच्चे हर प्रकार की परीक्षा में अपने आप को बिना किसी झिझक से उसको हल कर सकें।