कालवा गांव में ग्रामीण महिलाओं ने शुक्रवार को प्रशासन से गांव में नशीले पदार्थों की बिक्री को रोकने के लिए गुहार लगाई। महिलाओं ने नशे के खिलाफ रोष भी प्रकट किया। महिलाओं का कहना है कि प्रशासन गांव में स्मैक, चरस और शराब पर रोक लगाए।
कालवा गांव का अधिकतर युवा नशे की लत में पड़कर अपने भविष्य को बर्बाद कर रहे हैं। युवा वर्ग ही यदि नशे में लिप्त रहेगा तो आगे गांव का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। इसलिए गांव की महिलाओं ने मिलकर यह निर्णय लिया है कि वे गांव में नशे की सामग्रियों को किसी भी कीमत पर बिकने नहीं देंगी। महिलाओं ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि प्रशासन गांव में नशे पर प्रतिबंध लगाए। कालवा गांव में नशे को रोकने के लिए पिल्लूखेड़ा थाना प्रभारी बलवान सिंह ने बताया कि पिल्लूखेड़ा पुलिस नशे को रोकने के लिए एक अभियान चला रखा है। थाना प्रभारी ने कहा कि वे कालवा ही नहीं बल्कि पूरे पिल्लूखेड़ा खंड के गांवों में स्मैक और चरस जैसे नशे की सामग्री को बिकने नहीं देंगे। पुलिस गश्त को और बढ़ाएगी।