डॉ. विकास शर्मा
- फोटो : संवाद
भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ने डॉ. विकास हत्याकांड में पुलिस के खुलासे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रदेश के एक मंत्री के कहने पर पुलिस ने हत्या की कहानी रोडरेज में बदल दी जबकि उनके बेटे विकास ने मरते-मरते कहा था कि अनिल ने उस पर हमला करवाया है।
डॉ. विकास के पिता शिवकुमार शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि एसपी साहब कह रहे हैं कि असंध से सफीदों तक 40 मिनट हमलावर और विकास की कार के बीच रेस लगी रही। सवाल उठाते हुए पूछा-क्या असंध से सफीदों आने में 40 मिनट लगते हैं। बोले-फाॅर्च्यूनर गाड़ी तो मात्र 7 मिनट और क्रेटा 12 से 13 मिनट में सफीदों आ जाती है। आरोप लगाया कि पुलिस प्रदेश के एक मंत्री के दबाव में आकर झूठ बोल रही है। बोले-मंत्री मेरे साथ नाइंसाफी कर रहा है। मेरा बेटा मर गया। उसकी छह माह की मासूम बच्ची की अब कौन देखभाल करेगा। मैं इस बच्ची और पत्नी के साथ एसपी ऑफिस के बाहर आत्मदाह कर लूंगा।
मुझे मेरी पार्टी के कारण आत्महत्या के लिए होना पड़ेगा मजबूर
शिवकुमार शर्मा ने रुआंसा होते हुए कहा, मुझे अपनी ही पार्टी और सरकार के कारण आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ेगा। एसपी और डीएसपी ने एक मंत्री के कहने पर उनके बेटे की हत्या को रोडरेज बना दिया। उन्हें शर्म आनी चाहिए।
क्या है मामला
24 जुलाई की रात सफीदों में भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा के बेटे डॉ. विकास शर्मा की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के समय वह दो लोगों के साथ घर लौट रहे थे। डॉ. विकास खानसर चौक के पास अनुज मल्टी स्पेशलिटी नाम से अस्पताल संचालित करते थे। पुलिस ने इस मामले में घायल लीलावती अस्पताल के संचालक अनिल, उसके साले हैप्पी समेत 10 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। रविवार को पुलिस ने इस मामले में मुठभेड़ में करनाल के गांव जयसिंहपुरा निवासी प्रदीप उर्फ नन्हा को गिरफ्तार किया था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले को रोडरेज का बताया था।
अधिकारी के अनुसार
मृतक डॉ. विकास और आरोपी प्रदीप उर्फ नन्हा का रोडरेज के कारण झगड़ा हुआ था। रोडरेज के विवाद में ही प्रदीप ने डॉ. विकास की चाकू से घोंपकर हत्या की थी। दूसरे पहलुओं पर भी पुलिस की जांच जारी है।
-कुलदीप सिंह, एसपी, जींद।